मुल्‍ला नसरुद्दीन पहुंचा आत्‍महत्‍या करने

कफन में जेब नहीं होता। सब जानते हैं कि ऊपर जाते वक्‍त सभी को खाली हाथ जाना पड़ता है। विभिन्‍न धर्मों के अनुयायी तमाम बातों पर एकमत नहीं हैं और अक्‍सर अपनी-अपनी मान्‍यताओं को लेकर झगड़ते भी रहते हैं किंतु यह बात सर्वमान्‍य है कि खुदा के घर खाली हाथ ही जाना होता है। बावजूद इसके लोगों की हवस है कि कम होने का नाम नहीं लेती।
रेल की पटरी पर मुल्‍ला नसरुद्दीन को लेटे देख एक राहगीर ने कहा- जनाब, आप यह क्‍या कर रहे हैं ?
इस पर मुल्‍ला ने बताया कि वह मरने आया है और आत्‍महत्‍या करने के लिए ट्रेन की पटरियों के बीच लेटा है।
राहगीर ने देखा कि मुल्‍ला के पास बगल में एक पोटली भी रखी है अत: उसने अगला सवाल किया कि इस पोटली में क्‍या है और जब मरने ही जा रहे हैं तो यह पोटली साथ किसलिए लाए हैं ?
मुल्‍ला बोला- पहले सवाल का जवाब तो यह है कि पोटली में रोटियां हैं, और दूसरे सवाल पर मैं यह कहना चाहता हूं कि ट्रेन लेट भी तो हो सकती है।