मुल्‍ला नसरुद्दीन और उसका मेजबान

बात चाहे कितनी ही छोटी हो या बड़ी, हम अपने हिसाब से उसके मायने गढ़ लेते हैं। बहुत सी समस्‍याओं का समाधान न हो पाने के पीछे भी हमारी यही सोच छिपी होती है।
मुल्‍ला नसरुद्दीन गया अपने एक परिचित के यहां खाना खाने। खाना शुरू होने के बाद मेजबान ने मुल्‍ला से पूछा- मियां, खाना कैसा बना है। और हां…दाल में नमक तो ज्‍यादा नहीं है?
इस पर मुल्‍ला का जवाब था- जनाब, खाना बहुत लजीज बना है। किसी चीज में कोई कमी नहीं है।
जहां तक सवाल दाल में नमक ज्‍यादा होने का है, तो मुझे लगता है कि नमक के हिसाब से थोड़ी दाल कम रह गई है।