मुल्‍ला नसरुद्दीन और उसका अफीमची दोस्‍त

Mullah Nasruddin and his addict friends
मुल्‍ला नसरुद्दीन और उसका अफीमची दोस्‍त

मुल्‍ला नसरुद्दीन का एक अफीमची दोस्‍त कब्र खोदने का काम करता था। एक दिन जब वह किसी कब्रिस्‍तान में कब्र खोद रहा था तो नशे की पीनक में इतनी गहरी कब्र खोद बैठा कि खुद का कब्र से बाहर आना मुश्‍किल हो गया।
कड़ाके के ठंड पड़ रही थी और अंधेरा छा चुका था। इस बीच मुल्‍ला वहां से गुजरा।
किसी के पैरों की आहट सुनकर कब्र से मुल्‍ला के दोस्‍त ने आवाज लगाई- कौन है…खुदा के वास्‍ते मुझे बाहर निकालो, मेरी ठंड के मारे बुरी हालत है और मैं इस कब्र में फंस गया हूं।
आवाज सुनकर मुल्‍ला का जवाब था- तुम जो भी हो, ठंड तो लगेगी ही न भाई।
लोग भी पता नहीं इतनी जल्‍दी में क्‍यों रहते हैं, दफनाने चले आए लेकिन कब्र को मिट्टी से ढंके बिना चले गए।