मुल्‍ला और उसकी बेगम का पहला पति

क्‍या आप भी उसी बात से दुखी हैं, जिस बात से मुल्‍ला नसरुद्दीन और उसके जैसे लाखों लोग दुख भोग रहे हैं। जरा सोचिए।
मुल्‍ला नसरुद्दीन एक कब्र के पास बैठा जार-जार रो रहा था। उसके रोने के आलम यह था कि गले से आवाज़ तक नहीं निकल पा रही थी।
मुल्‍ला को इस तरह रोता देख एक व्‍यक्‍ति उसके पास पहुंचा। नजदीक पहुंचने पर उस व्‍यक्‍ति को मुल्‍ला के शब्‍द सुनाई दिए।
मुल्‍ला कह रहा था- क्‍यों मुझे इतनी जल्‍दी छोड़कर चले गए। मेरे बारे में कुछ तो सोचा होता। अब मैं आगे की जिंदगी कैसे गुजारुंगा।
मुल्‍ला को इस तरह विलाप करता देख उस शख्‍स ने पूछा- मियां, यह किसकी कब्र है। क्‍या यह आपका कोई परिवारीजन था अथवा निकट संबंधी ?
किसी अपरिचित की सहानुभति पाकर मुल्‍ला ने उसे बताया- जनाब, यह मेरी बेगम के पहले पति की कब्र है। इसका इंतकाल होते ही इसकी पत्‍नी ने मुझसे निकाह कर लिया। निकाह से पहले मुझे पता नहीं था कि जो व्‍यक्‍ति खुदा को प्‍यारा हुआ है, वह बेचारा किस तरह इस औरत को बर्दास्‍त करता था। यह मेरे लिए एक ऐसी स्‍त्री को बिना कुछ बताए छोड़ गया, जिसने मेरी जिंदगी चंद रोज के अंदर जहन्‍नुम बना कर रख दी है।