ट्रेन में मुल्‍ला नसरुद्दीन

मुल्‍ला नसरुद्दीन ट्रेन में सफर कर रहा था और खिड़की से चुपचाप देख रहा था बाहर के नजारे। काफी देर हो गई तो एक सहयात्री ने खामोशी तोड़ने के लिहाज से मुल्‍ला की ओर मुखातिब होकर कहा-
जनाब, शायद आपका रुमाल गिर गया है।
एकाग्रचित्त होकर बाहर के सुंदर नजारों का लुत्‍फ़ उठा रहे मुल्‍ला को इस तरह अपने सहयात्री का दखल देना काफी नागवार गुजरा।
मुल्‍ला ने उस सहयात्री पर भड़कते हुए कहा- मेरा रुमाल नीचे गिर गया है या ऊपर टंग रहा है इससे आपको क्‍या मतलब। आपका कीमती कोट जब आपकी सिगरेट से जल रहा था, तब मैंने तो आपको नहीं बताया कि आपका कोट जल रहा है।