मुलायम को सवर्ण बहुओं से नफरत नहीं तो सवर्ण आरक्षण से नफरत क्‍यों

मोदी सरकार की ओर से सवर्णों को आरक्षण दिए जाने को लेकर राज्यसभा सदस्य अमर सिंह ने उठ रहे सवालों को लेकर बड़ी बात कही है। संसद में सपा सांसद रामगोपाल यादव की टिप्पणी पर अमर सिंह ने कहा कि मुलायम सिंह यादव के परिवार में तीन बहू सवर्ण परिवारों की हैं। जब उन्हें सवर्णों की बेटियों को अपनी बहू बनाने में परेशानी नहीं है तो फिर सवर्णों को आरक्षण देने पर इतनी नफरत क्यों है।
उन्होंने कहा कि सपा बसपा का गठबंधन मौकापरस्त राजनीति का बड़ा उदाहरण है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने पिता की कुर्बानियों और संघर्ष को तिलांजलि देकर गठबंधन किया है। उन्होंने दावा किया कि इस साल होने वाले लोकसभा चुनाव में पीएम नरेंद्र मोदी की नीतियां जीतेंगी और बाकी दल हारेंगे। मकर संक्रांति पर गंगा स्नान करने आए सांसद अमर सिंह ने कई मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने जनता के प्रति पूरी जवाबदेही दिखाते हुए काम किया है। उन्होंने कहा कि यूपी में बसपा और सपा के बीच हुआ गठबंधन दोनों दलों के लिए मजबूरी में लिया गया निर्णय है। उन्होंने अखिलेश यादव को मायावती का नया प्रवक्ता बताते हुए चुटकी ली कि इस गठबंधन के बाद क्या बसपा सुप्रीमो मायावती यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के खिलाफ लखनऊ के गेस्ट हाउस कांड मामले में दर्ज कराए गए मुकदमे को वापस लेंगी।
या फिर अखिलेश यादव यह स्वीकार करेंगे कि बसपा की ओर से उनके पिता के खिलाफ जो मुकदमा दर्ज कराया गया था वह सही था और उन्हें उस मुकदमे में सजा मिलनी चाहिए। अमर सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव अपनी सरकार के दौरान ही अपने पिता के खिलाफ चले आ रहे इस मुकदमे का निस्तारण करा सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। इससे साफ लगता है कि अखिलेश और माया के बीच सत्ता के लिए यह खिचड़ी काफी समय से पक रही थी।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जीएसटी को लेकर मोदी सरकार पर सवाल उठाए जाते हैं, लेकिन सबको पता है कि जीएसटी भाजपा की नहीं कांग्रेस की देन है। उन्होंने विपक्षी दलों पर भ्रामक प्रचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनावों में मोदी की जीत की कामना के लिए वे हरिद्वार गंगा स्नान और पूजन करने आए हैं। चुनावों के दौरान अपनी भूमिका के बारे में उन्होंने कहा कि मेरी प्रतिबद्धता मोदी के साथ है। राजनीति बहुत कर ली अब राष्ट्रनीति करूंगा।
-एजेंसियां

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