चीन के Huawei से टक्‍कर लेगी मुकेश अंबानी की Jio5G

मुंबई। भारत की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी Jio के मालिक मुकेश अंबानी ने Jio5G सेवाओं का ऐलान क‍िया है। भारत का यह स्‍वदेशी 5G सॉल्‍यूशन चीन के हुवावे Huawei से टक्‍कर लेगा। मुकेश अंबानी ने बताया क‍ि उनकी कंपनी इसे दुनिया के अन्‍य देशों में न‍िर्यात करेगी।
दुनियाभर में जासूसी के आरोपों को लेकर घ‍िरी चीन की दूरसंचार उपकरण बनाने वाली कंपनी हुवावे के लिए भारत से यह बेहद बुरी खबर है। भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी जियो ने घरेलू तकनीक से 5जी (Jio5G) सॉल्यूशन विकसित कर लिया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने आज इसका ऐलान किया। उन्‍होंने कहा कि Jio5G सॉल्‍यूशन को दूसरे देशों को निर्यात किया जाएगा।
रिलायंस की 43वीं एजीएम को ऑनलाइन संबोधित करते हुए अंबानी ने कहा कि जैसे ही सरकार 5जी सेवाओं के लिए स्‍पेक्‍ट्रम का ऐलान कर देगी, जिओ 5जी सेवाओं को ट्रायल के लिए शुरू कर दिया जाएगा। उन्‍होंने कहा कि जियो 5जी का फील्‍ड डिप्‍लायमेंट अगले साल से शुरू हो जाएगा। मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो का 5जी सॉल्‍यूशन अन्‍य टेलिकॉम ऑपरेटरों के लिए भी उपलब्‍ध होगा।
मुकेश अंबानी ने यह ऐलान ऐसे समय पर किया है जब पूरी दुनिया में हुवावे के खिलाफ आवाज उठनी तेज हो गई है। पिछले दिनों अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने जिओ की तारीफ की थी। उन्‍होंने कहा था कि जिओ साफ सुथरी दूरसंचार कंपनी है और हुवावे से मुक्‍त है। अमेरिका के बाद अब ब्रिटेन ने चीनी कंपनी हुवावे को 5जी नेटवर्क बनाने को लेकर बैन कर दिया है। ब्रिटिश सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों को आदेश दिया है कि वे 2027 तक 5जी नेटवर्क से हुवावे के सभी उपकरणों को हटा दें। इससे पहले अमेरिका ने भी हुवावे के सभी उपकरणों को प्रतिबंधित किया था।
नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की मीटिंग में फैसला
ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की अध्यक्षता में हुई नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की मीटिंग के बाद फैसला लिया गया कि देश में 5जी नेटवर्क के निर्माण में चीनी कंपनी की भागीदारी को खत्म किया जाएगा। ब्रिटिश सरकार ने यह फैसला नेशनल साइबर सिक्योरिटी काउंसिल के रिपोर्ट की समीक्षा करने के बाद लिया। चीनी कंपनी हुवावे पर डेटा चोरी और गुप्त सूचनाओं को लीक करने का आरोप है।
देश की सुरक्षा के लिए खतरनाक है हुवावे
ब्रिटेन के संस्कृति सचिव ओलिवर डाउडेन ने कहा कि नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने चेतावनी दी थी कि अमेरिका के प्रतिबंध के बाद हुवावे के सिक्योरिटी को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। 5जी नेटवर्क में हुवावे की उपस्थिति देश की सुरक्षा के लिए खतरनाक हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन को भरोसा नहीं है कि हुवावे अपने उपकरणों की सुरक्षा को लेकर कोई गांरटी दे पाएगा।
हुवावे को लेकर ब्रिटेन पर दबाव बना रहा था चीन!
अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने जून महीने के शुरुआत में दावा किया था कि चीन लंदन स्थित एचएसबीसी बैंक के जरि ब्रिटेन पर अपनी परियोजनाओं के लिए दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। पोम्पियो ने कहा था कि चीन ने ब्रिटेन के बैंक द हांगकांग एंड शंघाई बैंकिंग कॉर्पोरेशन (एचएसबीसी) को कथित तौर पर दंडित करने की धमकी दी है। उसने कहा है कि अगर ब्रिटेन हुवेई को उसका 5जी नेटवर्क बनाने की अनुमति नहीं देगा तो वह भी ब्रिटेन में परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के निर्माण का अपना वादा तोड़ देगा।
-एजेंसियां

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