MSME के आगरा सेण्टर में सीखे संस्कृति विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने स्वरोजगार के गुर

मथुरा। MSME के आगरा सेण्टर में संस्कृति विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने इंडस्‍ट्रियल भ्रमण के तहत स्वरोजगार के गुर सीखे। जनपद मथुरा में शिक्षा के नए आयाम स्थापित कर रहा संस्कृति विश्वविद्यालय यहां अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को सिर्फ किताबी ज्ञान में ही दक्ष नहीं कर रहा बल्कि उन्हें स्वरोजगार हेतु भी प्रेरित कर रहा है। इसी परिप्रेक्ष्य में एम.बी.ए. और बी.बी.ए. द्वितीय वर्ष के छात्र-छात्राओं को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) के आगरा सेण्टर भेजा गया।

एसोसिएट डीन डा. संजीव कुमार सिंह, विभागाध्यक्ष मैकेनिकल इंजीनियरिंग विंसेंट बालू और विभागाध्यक्ष मैनेजमेंट आर. निर्मल कुंडू के मार्गदर्शन में छात्र-छात्राओं ने वहां न केवल विभिन्न औद्योगिक मशीनों सी.एन.सी. लैथ, सी.एन.सी. मिलिंग, वायर ई.डी.एम., थ्री-डी प्रिंटिंग मशीन, कनवेंशनल मशीन (लैथ, सरफेस ग्राइंडिंग, प्रेस मशीन), 2 एक्सेस रोबोट, फाउण्ड्री और वेल्लिंग विभाग देखा बल्कि विशेषज्ञों से स्वरोजगार के गुर भी सीखे।

ब्रज के युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने और उनकी मुश्किलें दूर करने के लिए आगरा का सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम संस्थान (एमएसएमई) लगातार प्रयास कर रहा है। इस संस्थान और संस्कृति विश्वविद्यालय के बीच एक करार पर हस्ताक्षर हुए हैं, यहां शीघ्र ही एक्सीलेंस सेण्टर खुलने जा रहा है। अब यहां के छात्र-छात्राएं न केवल एमएसएमई की प्रयोगशालाओं और मशीनरी का लाभ उठा सकेंगे बल्कि किसी भी उद्योग के लिए जो भी प्रोडक्ट या रॉ मैटेरियल चाहिए, उसकी जानकारी भी उन्हें त्वरित मिल सकेगी। आगरा के एमएसएमई सेण्टर के अपने भ्रमण में छात्र-छात्राओं ने पूरे देश में बन रहे उत्पादों की क्वालिटी, उपलब्धता और तकनीकी जानकारी भी हासिल की। संस्थान के विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं को आगरा की लेदर, फाउंड्री, पॉलीप्लास्ट, इंजीनियरिंग कम्पोनेंट, क्राफ्ट आदि की विस्तार से जानकारी प्रदान की।

आगरा की जहां तक बात है उद्योग के आधार पर यह उत्तर प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। छात्र-छात्राओं को बताया गया कि आगरा में करीब 26 हजार इकाइयां हैं, जिनमें से एमएसएमई में करीब 12500 रजिस्टर्ड हैं।

एमएसएमई आगरा सेण्टर के प्रिंसिपल डायरेक्टर आर. पन्नीर सेल्वम का कहना है कि एमएसएमई की नयी नीति बनने से स्थानीय उद्यमियों को लाभ होगा और उन्हें ज्यादा बेहतर अवसर मिल सकेंगे। हमारा प्रयास है कि यहां के हर उद्यमी को प्रोत्साहित करने के साथ ही युवाओं को भी स्वरोजगार की तरफ प्रेरित किया जाए। श्री सेल्वम ने छात्र-छात्राओं का आह्वान किया कि वह नौकरी की बजाय कुशल उद्यमी बनने का संकल्प लें। छात्र-छात्राओं ने एमएसएमई आगरा सेण्टर के भ्रमण को अपने भविष्य के लिए काफी उपयोगी बताया।

संस्कृति विश्वविद्यालय के उप कुलाधिपति राजेश गुप्ता ने कहा कि छात्र-छात्राओं को शिक्षा के साथ ही प्रायोगिक गतिविधियों से रू-ब-रू कराना नितांत आवश्यक है। शैक्षणिक भ्रमण से हासिल ज्ञान जीवन पर्यन्त याददाश्त में रहता है।

कुलपति डा. देवेन्द्र पाठक ने छात्र-छात्राओं का आह्वान किया कि उन्होंने MSME आगरा सेण्टर में जो कुछ सीखा है, उसका निरंतर अभ्यास जरूर करें ताकि भविष्य में उसका लाभ मिले।