और 28 हजार जवान कश्‍मीर घाटी भेजे गए, तमाम तरह की अटकलें

नई दिल्‍ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से कुछ दिनों पहले 10 हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती के बाद अब और 28 हजार जवान कश्‍मीर घाटी में भेजे गए हैं। इस फैसले को लेकर राज्य में तमाम अटकलें लगाई जा रही हैं और राजनीतिक दल भी अलग-अलग संभावनाएं जता रहे हैं। हालांकि इन सब के बीच गृह मंत्रालय ने आज कहा है कि जम्मू-कश्मीर में अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती वहां की सुरक्षा की स्थिति और फेरबदल की जरूरत पर आधारित होती है, और ऐसी बातों पर सार्वजनिक तौर पर चर्चा नहीं की जा सकती।
उल्‍लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर में हाल के दिनों में सुरक्षाबलों की कई कंपनियों की तैनाती के बाद राज्य के लोगों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई है।
मंत्रालय के सूत्रों ने यह भी कहा कि केंद्रीय बलों की 100 कंपनियों को एक हफ्ते पहले यहां तैनात करने का आदेश दिया गया था और वे अपने-अपने गंतव्यों पर पहुंचने की प्रक्रिया में हैं।
सूत्रों ने कहा, ‘आंतरिक सुरक्षा स्थिति, प्रक्षिक्षण की आवश्यकताओं, अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती में फेरबदल की जरूरत, केंद्रीय बलों की तैनाती एवं वापसी एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है।’
उन्होंने कहा कि तैनाती और किसी खास क्षेत्र में तैनात अर्द्धसैनिक बलों की गतिविधि की डिटेल्स के बारे में कभी भी सार्वजनिक रूप से चर्चा नहीं की जाती है।
एयरफोर्स की मूवमेंट सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा: सूत्र
बता दें कि कश्मीर घाटी में जवानों की अतिरिक्त तैनाती की खबर सामने आने के बाद से ही राज्य में तमाम चर्चाएं हैं। खबरों के मुताबिक सरकार ने जम्मू-कश्मीर में सेना और एयरफोर्स को हाई ऑपरेशनल अलर्ट पर रहने के निर्देश भी दिए हैं। हालांकि सूत्रों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में वायुसेना की मूवमेंट नॉर्मल ऐक्टिविटी का हिस्सा हैं। इसके अलावा वायुसेना के मिराज एयरक्राफ्ट पहले ही राज्य के अंदर वायुसेना बेस पर तैनात हैं।
उमर ने ट्वीट में जताई आशंका
जम्मू-कश्मीर की हालिया स्थितियों के बीच शुक्रवार को राज्य के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने अपनी आशंका जाहिर की थी। उमर ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘कश्मीर में कौन सी ‘वर्तमान परीस्थिति’ है जिसमें सेना और एयरफोर्स को अलर्ट पर रखने की जरूरत पड़ रही है। यह अनुच्छेद 35ए या परसीमन निर्धारण से जुड़ा हो ऐसा नहीं हो सकता है। अगर सच में कोई ऐसा अलर्ट जारी हुआ है तो यह अवश्य किसी बिल्कुल अलग सी चीज के लिए होगा।’
अतिसंवेदनशील इलाकों में जवान तैनात
गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जम्‍मू-कश्‍मीर में जारी सियासी हलचल के बीच राज्य में सुरक्षा बलों की 280 से अधिक कंपनियों को तैनात करने का आदेश दिया है।
सूत्रों ने कहा कि सुरक्षा बलों को श्रीनगर शहर के अतिसंवेदनशील इलाकों तथा घाटी की अन्य जगहों पर तैनात किया जा रहा है। इनमें अधिकतर सीआरपीएफ के जवान हैं।
-एजेंसियां

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