Moody’s ने कहा, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारत की आर्थिक वृद्धि के लिए खतरा

नई दिल्ली। क्रेडिट रेटिंग एजेंसी Moody’s ने बुधवार को कहा कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें देश की आर्थिक वृद्धि के लिए प्रमुख खतरा है। हालांकि पेट्रोल एवं डीजल पर दी जाने वाली छूट में सुधार से जोखिम कम हुआ है। Moody’s और उसकी सहयोगी इकाई इक्रा द्वारा किए गए सर्वेक्षण में निवेशकों ने कच्चे तेल की अधिक कीमतों को आर्थिक वृद्धि के लिए मुख्य जोखिम बताया और कहा कि 3.3 प्रतिशत फिस्कल डेफिसिट के लक्ष्य को प्राप्त करना मुश्किल है।
निवेशकों ने कहा कि सार्वजनिक बैंकों के रीकैपिटलाइजेशन की सरकार की योजना पर्याप्त नहीं है क्योंकि बैंक योजना के हिसाब से कैपिटल नहीं जुटा पाए हैं।
Moody’s ने अपनी रिपोर्ट में कहा, ‘सर्वेक्षण में शामिल लोगों की राय की तरह हम भी कच्चे तेल की अधिक कीमतों को आर्थिक वृद्धि के लिए जोखिम मानते हैं। हालांकि पेट्रोल-डीजल पर दी जाने वाली छूट खत्म करने से यह जोखिम कम हुआ है। अब सिर्फ केरोसीन तेल और एलपीजी पर ही छूट दी जाती है।’
पब्लिक सेक्टर बैंकों के रीकैपिटलाइजेशन की योजना के बारे में Moody’s ने कहा , ‘हमें उम्मीद है कि रीकैपिटलाइजेशन मिनिमम रेग्युलेटरी कैपिटल जरूरतों की पूर्ति में पर्याप्त होगा पर यह लोन वृद्धि को बढ़ाने में अपर्याप्त होगा। उसने कहा, ‘बैंक सरकार के रीकैपिटलाइजेशन की योजना के हिसाब से शेयर बाजारों से कैपिटल जुटा नहीं पाए हैं। ’
-एजेंसी

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