मोहन भागवत ने कहा, संघ का उद्देश्य पूरे समाज को संगठित करना

भुवनेश्‍वर। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में एक कार्यक्रम के दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि संघ का उद्देश्य भारत में परिवर्तन के लिए सिर्फ हिंदुओं को नहीं पूरे समाज को संगठित करना है।
आरएसएस की शीर्ष निर्णय निर्धारण संस्था अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक के मद्देनजर यहां बुद्धिजीवियों की सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि समाज को एकजुट करना आवश्यक है और आरएसएस इस दिशा में काम कर रहा है।
अपने संबोधन में भागवत ने कहा कि हमारी किसी के प्रति कोई घृणा नहीं है। एक बेहतर समाज बनाने के लिए हमें एक साथ आगे बढ़ना चाहिए, जो देश में बदलाव ला सकें और उसे विकास में मदद दे सकें।
ओडिशा के नौ दिन के दौरे पर आए भागवत ने कहा कि भाव, विचार और संस्कृति में विविधता के बावजूद भारत के लोग खुद को एक ही महसूस करते हैं।
भारत में मुस्लिम भी खुश हैं: संघ प्रमुख
भागवत ने कहा कि एकता के इस अनूठे अहसास के कारण मुस्लिम, पारसी और अन्य जैसे धर्मों से संबंधित लोग देश में सुरक्षित महसूस करते हैं।
उन्होंने कहा, ‘पारसी भारत में काफी सुरक्षित हैं और मुस्लिम भी खुश हैं।’ समाज में बदलाव लाने की दिशा में उन्होंने कहा कि सही तरीका यह है कि ऐसे उत्कृष्ट इंसान तैयार किये जाए जो समाज को बदलने तथा देश की कायापलट करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकें।
जेपी नड्डा हो सकते हैं संघ की बैठक में शामिल
बता दें कि भागवत ओडिशा के नौ दिन के दौरे के लिए शनिवार को भुवनेश्वर पहुंचे। सूत्रों ने बताया कि इस दौरान वह अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की पहली बैठक में शिरकत करेंगे। इस दौरान उनके साथ भैयाजी जोशी भी होंगे। उन्होंने बताया कि आरएसएस कार्यकारिणी समिति की बैठक यहां एक निजी विश्वविद्यालय में 16 से 18 अक्टूबर तक होगी। सूत्रों ने बताया कि बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जे पी नड्डा आरएसएस की बैठक में शामिल हो सकते हैं। उनका अगले सप्ताह ओडिशा का चार दिवसीय दौरा करने का कार्यक्रम है।
-एजेंसियां

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