मन की बात में मोदी ने तमाम मुद्दों को छुआ, संस्‍कृत में क्रिकेट की कमेंट्री का किस्‍सा भी सुनाया

नई दिल्‍ली। पीएम मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने हरिद्वार कुंभ, बच्चों की परीक्षाएं, सफल खेती, पानी का बचाव, संत रविदास जयंती और विज्ञान दिवस सहित तमाम मुद्दों पर अपनी बात रखी। इस दौरान पीएम मोदी ने उन तमाम लोगों का जिक्र किया जिन्होंने साज के लिए कुछ बेहतर काम किया।
प्रधानमंत्री ने इस दौरान विविधताओं वाले देश की अलग-अलग भाषाओं का जिक्र किया। संस्कृत भाषा पर बात करते हुए उन्होंने वाराणसी के संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान संस्कृत में हुई कमेंट्री का एक हिस्सा भी सुनाया। दरअसल, पिछले दिनों संपूर्णानंद संस्कृत विश्ववविद्यालय में क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन हुआ था जिसमें धोती पहनकर स्टूडेंट्स खेलते नजर आए थे। साथ ही संस्कृत में कमेंट्री भी सुनाई गई थी।
मन की बात के दौरान पीएम मोदी ने कहा, ‘भारत ऐसी अनेक भाषाओं स्थली है, जो हमारी संस्कृति और गौरव का प्रतीक है।’ उन्होंने बताया कि वाराणसी में संस्कृत महाविद्यालयों के बीच एक क्रिकेट टूर्नामेंट होता है। इसी टूर्नामेंट में हुई कमेंट्री का एक ऑडियो क्लिप सुनाते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘ये महाविद्यालय हैं–शास्त्रार्थ महाविद्यालय, स्वामी वेदांती वेद विद्यापीठ, श्री ब्रह्म वेद विद्यालय और इंटरनेशनल चंद्रमौली चैरिटेबल ट्रस्ट।’
पारंपरिक परिधान पहनकर खेलते हैं खिलाड़ी
पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘इस टूर्नामेंट के मैचों के दौरान कमेंट्री संस्कृत में भी की जाती है। अभी मैंने उस कमेंट्री का एक बहुत ही छोटा-सा हिस्सा आपको सुनाया। इस टूर्नामेंट में खिलाड़ी और कमेंटेटर पारंपरिक परिधान में नजर आते हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘यदि आपको एनर्जी, एक्साइटमेंट, सस्पेंस सब कुछ एक साथ चाहिए तो आपको खेलों की कमेंट्री सुननी चाहिए।’
स्टैच्यु ऑफ यूनिटी के बारे में संस्कृत में बताती गाइड
मन की बात के दौरान पीएम मोदी ने स्टैच्यु ऑफ यूनिटी में संस्कृत में बोल रही गाइड का ऑडियो क्लिप भी साझा किया। पीएम मोदी ने कहा, ‘दरअसल अभी जो आप सुन रहे थे, वो statue of unity पर एक Guide, संस्कृत में लोगों को सरदार पटेल की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा के बारे में बता रही हैं।’ पीएम मोदी ने कहा, ‘आपको जानकर खुशी होगी कि केवड़िया में 15 से ज्यादा Guide, धारा प्रवाह संस्कृत में लोगों को गाइड करते हैं।’
पीएम मोदी के मन की बात कार्यक्रम की खास बातें
1- हम अपने सपनों के लिए किसी दूसरे पर निर्भर रहें, ये बिलकुल ठीक नहीं है। जो जैसा है वो वैसा चलता रहे, रविदास जी कभी भी इसके पक्ष में नहीं थे। आज हम देखते हैं कि देश का युवा भी इस सोच के पक्ष में बिलकुल नहीं है।
2- आज ‘National Science Day’ भी है। आज का दिन भारत के महान वैज्ञानिक, डॉक्टर सीवी रमन जी द्वारा की गई ‘Raman Effect’ खोज को समर्पित है। केरल से योगेश्वरन जी ने नमो ऐप पर लिखा है कि रमन प्रभाव की खोज ने पूरी विज्ञान की दिशा को बदल दिया था।
3- इस कोरोना के समय में मैंने कुछ समय निकालकर exam warrior book में भी कई नए मंत्र जोड़ दिए हैं। इन मंत्रों से जुड़ी ढेर सारी इंट्रेस्टिंग एक्टीविटीज NarendraModi App पर दी हुई है जो आपके अंदर के exam warrior केा ignite करने में मदद करेंगी।
4- आने वाले कुछ महीने आप सब के जीवन में विशेष महत्व रखते हैं। अधिकतर युवा साथियों की परीक्षाएं होंगी। आप सबको warrior बनना है worrier नहीं। हंसते हुए परीक्षा देने जाना है और मुस्कुराते हुए लौटना है।
5- कुछ दिन पहले हैदराबाद की अपर्णा रेड्डी जी ने मुझसे ऐसा ही एक सवाल पूछा। उन्होंने कहा कि आप इतने साल से पी.एम. हैं, इतने साल सी.एम. रहे, क्या आपको कभी लगता है कि कुछ कमी रह गई। अपर्णा जी का सवाल बहुत सहज है लेकिन उतना ही मुश्किल भी। मैंने इस सवाल पर विचार किया और खुद से कहा मेरी एक कमी ये रही कि मैं दुनिया की सबसे प्राचीन भाषा तमिल सीखने के लिए बहुत प्रयास नहीं कर पाया, मैं तमिल नहीं सीख पाया। यह एक ऐसी सुंदर भाषा है, जो दुनिया भर में लोकप्रिय है।
6- आप हमारे मंदिरों को देखेंगे तो पाएंगे कि हर मंदिर के पास तालाब होता है। हजो में हयाग्रीव मधेब मंदिर, सोनितपुर के नागशंकर मंदिर और गुवाहाटी में उग्रतारा मंदिर के पास इस प्रकार के तालाब हैं। इनका उपयोग विलुप्त होते कछुओं की प्रजातियों को बचाने के लिए किया जा रहा है।
7- आत्म निर्भर भारत की पहली शर्त होती है- अपने देश की चीजों पर गर्व होना, अपने देश के लोगों द्वारा बनाई वस्तुओं पर गर्व होना। जब प्रत्येक देशवासी गर्व करता है, प्रत्येक देशवासी जुड़ता है, तो आत्मनिर्भर भारत सिर्फ एक आर्थिक अभियान न रहकर एक National spirit बन जाता है।
8- जब आसमान में हम अपने देश में बने Fighter Plane Tejas को कलाबाजिंयां खाते देखते हैं, तब भारत में बने टैंक, मिसाइलें हमारा गौरव बढ़ाते हैं।
9- जब हम दर्जनों देशों तक मेड इन इंडिया वैक्सीन को पहुंचाते हुए देखते हैं तो हमारा माथा और ऊंचा हो जाता है।
10- संत रविदास जी ने समाज में व्याप्त विकृतियों पर हमेशा खुलकर अपनी बात कही। उन्होंने इन विकृतियों को समाज के सामने रखा। उसे सुधारने की राह दिखाई। तभी तो मीरा जी ने कहा था-
“गुरु मिलिया रैदास, दीन्हीं ज्ञान की गुटकी। “रविदास जी कहते थे- करम बंधन में बन्ध रहियो, फल की ना तज्जियो आस। कर्म मानुष का धम्र है, सत् भाखै रविदास।।
अर्थात हमें निरंतर अपना कर्म करते रहना चाहिए, फिर फल तो मिलेगा ही मिलेगा, कर्म से सिद्धि तो होती ही होती है।
-एजेंसियां

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