मोदी ने ट्रंप से कहा: भारत और पाकिस्तान के मुद्दे द्विपक्षीय, किसी देश की इसमें जरूरत नहीं

बिआरित्ज। जी-7 सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात हुई। मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने साफ कहा कि भारत और पाकिस्तान के मुद्दे द्विपक्षीय है और किसी देश को इसमें कष्ट देने की जरूरत नहीं है। ट्रंप ने भी उनकी बात का समर्थन करते हुए कहा कि पीएम मोदी पर उन्हें पूरा भरोसा है।
पीएम मोदी ने कहा, ‘भारत और अमेरिका दोनों लोकतांंत्रिक मूल्यों को लेकर चलने वाले देश हैं और किस तरह साथ मिलकर चल सकते हैं और क्या योगदान दे सकते हैं, ऐसे कई विषयों पर गहाई से बात होती रहती है।’
कश्मीर पर पूछे गए सवाल के जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच कई द्विपक्षीय मुद्दे हैं। पाक में चुनाव के बाद पाक पीएम को मैंने फोन कर रहा था कि पाक को बीमारी, गरीबी, अशिक्षा के खिलाफ लड़ना है। दोनों देश मिलकर इसके खिलाफ लड़ना है। दोनों देश जनता की भलाई के लिए काम करें। उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रपति ट्रंप से भी हमारी इस संबंध में बात होती रहती है।’
इसके बाद डोनल्ड ट्रंप ने कहा, ‘हमने पिछली कश्मीर मसले पर बात की। पीएम मोदी ने कहा कि चीजें पूरी तरह नियंत्रण में हैं। मुझे उम्मीद है कि वे कुछ अच्छा करने में कामयाब होंगे। जो बहुत अच्छा होगा।’ ट्रंप ने कहा कि पीएम मोदी के साथ हमने बीती रात कश्मीर पर चर्चा की है। मुझे उम्मीद है कि भारत और पाकिस्तान मिलकर समस्याओं को सुलझा लेंगे।
पीएम मोदी रविवार को इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए दूसरी बार फ्रांस पहुंचे हैं। यह शिखर सम्मेलन फ्रांस के समुद्र किनारे बसे मनोरम दृश्यों वाले शहर बिआरित्ज में हो रहा है। हालांकि, भारत जी-7 समूह का हिस्सा नहीं है लेकिन फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुअल मैक्रों ने पीएम मोदी को व्यक्तिगत तौर पर आमंत्रित किया है। विदेश मंत्रालय ने कहा था कि यह न्योता दोनों नेताओं के बीच ‘निजी तालमेल को दर्शाता’ है और साथ ही ‘प्रमुख आर्थिक शक्ति के रूप में भारत को स्वीकार करता’ है। ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और अमेरिका जी-7 समूह का हिस्सा हैं। जी-7 शिखर सम्मेलन के इतर मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के कश्मीर में स्थिति, व्यापार मुद्दों और परस्पर हितों के आपसी विषयों पर चर्चा करने की संभावना है।
कश्मीर पर ट्रंप मध्यस्थता की कर चुके हैं पेशकश
हाल के समय में ट्रंप दो बार कश्मीर के मुद्दे पर मध्यस्थता करने की पेशकश कर चुके हैं। लेकिन भारत ने ऐसे किसी कदम का विरोध करते हुए इसे भारत और पाकिस्तान के बीच का मुद्दा बताया है। ट्रंप ने इसे मुद्दे पर मोदी से पिछले सप्ताह टेलीफोन पर बात की थी। मोदी ने उन्हें बताया था कि कश्मीर को लेकर बहुत अधिक विरोध करना और भारत के खिलाफ हिंसा भड़काने की कोशिश से शांति को नुकसान होगा। ट्रंप ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान को इस मुद्दे पर संयम बरतने और तनाव कम करने की सलाह दी थी।
-एजेंसियां

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