मोदी ने बताया, घड़ी पकड़ने के तरीके से बदल जाता है इंडियन टाइम है और लंदन टाइम

Modi said, hold ways clock turns to Indian time and the London Time
मोदी ने बताया, घड़ी पकड़ने के तरीके से बदल जाता है इंडियन टाइम है और लंदन टाइम

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश को बताया कि उनकी सरकार ने बजट पेश करने का वक्त क्यों बदला। उन्होंने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है। 1 जून के बाद देश में बारिश हो जाती है, जबकि फरवरी के आखिर में पेश किया जाता था। ऐसे में खेती के नजरिए से तीन महीने में बजट का इस्तेमाल करना मुश्किल हो जाता था।
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के तहत जारी बहस में विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने बजट को शाम पांच बजे पेश किए जाने की परंपरा पर भी सवाल उठाया।
पीएम ने कहा, ‘क्या कारण था कि आजादी के कई सालों तक बजट शाम को पांच बजे आता था? किसी ने क्यों नहीं सोचा? बस चल रहा है तो चल रहा है।’
उन्होंने कहा कि यूके की संसद चलती थी, उसी के लिहाज से हिंदुस्तान में बजट आता था। मोदी ने घड़ी दिखाकर बताया कि बहुत कम लोगों को पता है कि हम घड़ी ऐसे पकड़ते हैं तो इंडियन टाइम है और घड़ी को ऐसे पकड़ते हैं तो लंदन टाइम है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, ‘आपके पास घड़ी है तो देख लीजिए।’
When Rail budget was first presented, transport sector was different;Now things are different& a more comprehensive look is needed: PM in LS
—ANI (@ANI_news) February 7, 2017
प्रधानमंत्री ने रेल बजट को खत्म करने के फैसले को भी सही ठहराया। उन्होंने कहा कि पहले रेलवे विभिन्न इलाकों को खुश करने के लिए पेश किया जाता था। सांसदों और मंत्रियों के भी रेल बजट से अलग-अलग उम्मीदें होती थीं। रेल बजट में उनकी उम्मीदें पूरी कर रेलवे का नुकसान किया जाता रहा। मोदी ने कहा, ‘हमने देखा कि रेल बजट में 1,500 घोषणाएं की गईं और ज्यादातर ने कागजों पर ही मुक्ति पा ली।’ पीएम ने कहा रेलवे के स्वास्थ्य के लिए उसके बजट को राजनीति का शिकार होने से बचाना जरूरी था। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारें लोगों को नाखुश करने की हिम्मत नहीं दिखा पाईं, लेकिन हमें ऐसा करना था और हमने किया।
-एजेंसी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *