एनएसए Ajit Doval को सरकार ने दिया कैबिनेट मंत्री का दर्जा

नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Ajit Doval को केंद्रीय मंत्री का दर्जा देने का फैसला किया है। मोदी सरकार ने यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में Ajit Doval के योगदान को देखते हुए लिया है। उनकी यह नियुक्ति पांच वर्षों के लिए होगी। अजित डोभाल पीएम मोदी की पिछली सरकार में भी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के पद की जिम्मेदारी निभा रहे थे।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (National Security Advisor ) Ajit Doval को केंद्र सरकार से बड़ा तोहफा मिला है। सत्ता में दूसरी बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने वाली केंंद्र की मोदी सरकार ने आजीत डोभाल (Ajit Dova) को कैबिनेट मंत्री का दर्जा (Cabinet Minister Rank) दिया है। इसके साथ ही अजीत डोभाल राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भी बने रहेंगे।

गौरतलब है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के बेटे शौर्य डोभाल को कुछ महीने पहले ही ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा (Z Category Security) दी गई थी। अधिकारियों ने बताया कि उन्हें संभावित खतरों को देखते हुए ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा (Z Category Security) दी गई।

अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय एजेंसियों द्वारा तैयार सुरक्षा आकलन रिपोर्ट के बाद शौर्य डोभाल को केंद्रीय अर्धसैनिक बल के ‘मोबाइल सुरक्षा कवर’ के तहत लाया गया है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उन्हें उनके पिता और अन्य लोगों के विरोधियों से खतरा है।

अजीत डोभाल को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल द्वारा ‘जेड प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराई गई है। अजीत डोभाल को करीब चार साल पहले इस सुरक्षा कवर के तहत लाया गया था।

बता दें कि पुलवामा आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान की सीमा में घुसकर आतंकी ठिकानोंं को ध्वस्त करने की वायुसेना की रणनीति को मूल रूप से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने अमलीजामा पहनाया था। वायुसेना, नौसेना के शीर्ष अधिकारियों से रणनीति पर चर्चा से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पल-पल की जानकारी देने तक में उनकी अहम भूमिका रही।

हमेशा निभाते हैं अहम भूमिका
– 1968 में अखिल भारतीय पुलिस सेवा के लिए चुने गए, केरल कैडर मिला।
– मिजोरम और पंजाब में उग्रवाद पर काबू पाने में अहम भूमिका निभाई।
– 1999 में कंधार विमान हाईजैक में सरकार के प्रमुख तीन वार्ताकारों में रहे।
– 1971 से 1999 के बीच 15 हाईजैक की कोशिशों से निपटने में भूमिका निभाई।
– 1988 में ऑपरेशन ब्लैक थंडर-2 से अहम खुफिया जानकारी जुटाई।
– 1990 में कश्मीर में उग्रवाद पर काबू के लिए जम्मू एवं कश्मीर भेजा गया।

-एजेंसी

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