मोदी सरकार का किसानों के हित में बड़ा फैसला, नई अनाज खरीद नीति को मंजूरी

नई दिल्‍ली। लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Election 2019) से पहले मोदी सरकार ने किसानों को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है. नई अनाज खरीद नीति को केंद्रीय कैबिनेट ने आज मंज़ूरी दे दी. इसके तहत किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का फ़ायदा मिलेगा. समर्थन मूल्य नीति के तहत सरकार हर साल खरीफ और रबी की 23 फसलों के समर्थन मूल्य तय करती है. सरकार ने जुलाई में फसल की लागत का डेढ़ गुना दाम दिलाने का वादा पूरा करते हुए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 200 रुपए प्रति क्विटंल बढ़ा दिया था.
कैबिनेट ने किसानों से महत्वपूर्ण अनाज की खरीद के लिए प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और सुगम करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. यह नीति सरकार की पहल का ऐसा हिस्सा है जिससे बाजार मूल्‍य के सरकार द्वारा तय दाम से नीचे जाने पर भी किसानों को न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य (एमएसपी) को सुनिश्चित करेगी और इसका लाभ लाभ अधिकांश किसानों को मिलेगा.
इतना ही नहीं, सरकार की यह मंजूरी किसानों के लिए एफसीआई जैसी सरकारी एजेंसियों को अपना खाद्यान्न बेचने में आसान बना देगा.
कैबिनेट ने कुछ और अहम फ़ैसले
– एथेनॉल के दाम तय करने का तरीका बदलेगा
– सी-हेवी शीरे के दाम घटाकर 43.46 रुपये लीटर
– बी-हेवी शीरे के दाम बढ़ाकर 52.43 रुपये लीटर
-चीनी की जगह एथेनॉल बनाने पर फ़ायदा
– एथेनॉल बनाने वाली मिलों के लिए दाम 59.19 रुपये लीटर
– तय MSP पर फसल की खरीद होगी
इससे पहले जुलाई में किसानों को फसल की लागत का कम से कम डेढ़ गुनाम दाम दिलाने के वायदे को पूरा करने की दिशा में कदम उठाते हुए सरकार ने धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 200 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ा दिया. सरकार ने यह निर्णय ऐसे समय लिया है जबकि कृषि उपजों के दाम गिरने से किसान परेशान हैं और आम चुनाव एक साल के अंदर होने वाले हैं.
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 2014 में किसानों से साथ चुनावी वादा किया था कि वह किसानों को उनकी लागत का डेढ़ गुना मूल्य दिलाएगी. इसे पूरा करने के लिए सरकार ने इस साल पहली फरवरी को पेश किए गए अपने आखरी पूर्ण बजट में इस वायदे को पूरा करने की घोषणा की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों से संबंधित समिति ने 14 खरीफ फसलों के एमएसपी के प्रस्तावों को स्वीकृत किया था.
-एजेंसियां

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