राम मंदिर निर्माण के लिए मोदी सरकार ने ट्रस्‍ट का गठन किया, पीएम ने संसद में दी जानकारी

नई दिल्‍ली। मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर आगे बढ़ते हुए बुधवार को अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए एक स्वायत्त ट्रस्ट का गठन कर दिया। पीएम मोदी ने संसद में अपनी सरकार के इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राम की जन्मभूमि में भव्य और दिव्य मंदिर बनेगा। उन्होंने इसके लिए अपनी सरकार का विस्तृत प्लान भी सामने रखा।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या केस पर फ़ैसला सुनाते हुए केंद्र सरकार को मंदिर निर्माण के लिए तीन महीने का समय दिया था. ये मियाद नौ फरवरी को ख़त्म होने वाली थी।
प्रधानमंत्री ने संसद में कहा, “आज सुबह हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को ध्यान में रखते हुए इस दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। मेरी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार श्रीराम जन्मस्थली पर भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण के लिए और इससे संबंधित अन्य विषयों के लिए एक वृहद योजना तैयार की है।”
15 ट्रस्टी होंगे
प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद गृहमंत्री ने बताया कि “श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में 15 ट्रस्टी होंगे जिसमें से एक ट्रस्टी हमेशा दलित समाज से रहेगा।
सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने वाले ऐसे अभूतपूर्व निर्णय के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अनेक अनेक बधाई देता हूँ।”
प्रधानमंत्री ने संसद में कहा कि “भारत की प्राण वायु में, भारत के आदर्शों में, भारत की मर्यादाओं में भगवान श्रीराम की महत्ता और अयोध्या की ऐतिहासिकता से अयोध्या धाम की पवित्रता से हम सभी भली-भांति परिचित हैं।”
“अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण, वर्तमान और भविष्य में रामलला के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या और उनकी भावनाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। मेरी सरकार ने फ़ैसला किया है कि अयोध्या क़ानून के तहत अधिग्रहित संपूर्ण भूमि जो लभगग 67.703 एकड़ है और जिसमें भीतरी और आंगन भी शामिल है, उसे नवगठित ट्रस्ट ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ को हस्तांरित किया जाएगा।”
सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला
जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पाँच जजों की संविधान पीठ ने 40 दिनों की सुनवाई के बाद पिछले साल नौ नवंबर को सर्वसम्मति से फ़ैसला सुनाया था।
फ़ैसले में विवादित स्थल पर पूजा के अधिकार को मंज़ूरी और मस्जिद के लिए पांच एकड़ ज़मीन देने के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर निर्माण के लिए रास्ता तैयार कर दिया था। बुधवार को प्रधानमंत्री की घोषणा उसी दिशा में उठाया गया कदम है।
सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले में सुन्नी सेंट्रल वक़्फ़ बोर्ड को मस्जिद के लिए पांच एकड़ उपयुक्त ज़मीन दिए जाने का आदेश दिया था।
अदालत ने कहा था कि सुन्नी सेंट्रल वक़्फ़ बोर्ड को दी जाने वाली ज़मीन 1993 के अयोध्या एक्ट के तहत अधिगृहीत की गई ज़मीन का हिस्सा हो सकती है या राज्य सरकार चाहे तो अयोध्या में किसी और उपयुक्त और प्रमुख भूखंड का चुनाव कर सकती है।
“सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार एक स्वायत्त ट्रस्ट ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ के गठन का प्रस्ताव पारित किया गया है। ये ट्रस्ट अयोध्या में भगवान श्रीराम की जन्मस्थली पर भव्य और दिव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण और उससे संबंधित विषयों पर निर्णय लेने के लिए पूर्ण रूप से स्वतंत्र होगा।”
“सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार गहन विचार-विमर्श और संवाद के बाद अयोध्या में पांच एकड़ ज़मीन सुन्नी वक़्फ बोर्ड को आवंटित करने का अनुरोध उत्तर प्रदेश सरकार से किया गया. इस पर राज्य सरकार ने भी अपनी सहमति प्रदान कर दी है।”
राम मंदिर बनाने वाले ट्रस्ट का नाम क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक एक स्वायत्त ट्रस्ट- श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का गठन का प्रस्ताव पारित किया गया है। ट्रस्ट अयोध्या में भगवान राम की जन्मस्थली पर भव्य और दिव्य राम मंदिर के निर्माण और उससे जुड़े विषयों पर फैसले लेगा
मस्जिद के लिए 5 एकड़ जमीन का क्या होगा?
मोदी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक गहन विचार-विमर्श और संवाद के बाद 5 एकड़ जमीन सुननी वक्फ बोर्ड को देने का अनुरोध यूपी सरकार से किया गय था। राज्य सरकार ने अपनी सहमति दे दी है।
राम मंदिर ट्रस्ट को क्या-क्या देगी सरकार?
राम मंदिर के निर्माण और भविष्य में आने वाले श्रद्धालुओं के मद्देनजर अयोध्या कानून के तहत अधिग्रहीत सारी जमीन जो 67.703 एकड़ है, इसमें भीतरी और बाहरी आंगन शामिल है, उसे नवगठित ट्रस्ट को ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
ट्रस्ट में कितने ट्रस्टी होंगे?
गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर बताया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में 15 ट्रस्टी होंगे जिसमें से एक ट्रस्टी हमेशा दलित समाज से रहेगा। सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने वाले ऐसे अभूतपूर्व निर्णय के लिए मैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को अनेक अनेक बधाई देता हूँ।
मस्जिद के लिए जमीन कब देगी योगी सरकार?
मोदी सरकार के ट्रस्ट गठन के फैसले के बाद उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता का बयान आया है। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक यूपी सरकार सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद के लिए 5 एकड़ जमीन देने का प्रस्ताव पास कर चुकी है।
-एजेंसियां

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