दो दिन के दौरे पर लखनऊ पहुंचे मोदी, 64 हजार करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्‍यास करेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दो दिन के दौरे पर लखनऊ पहुंचे। वे यहां करीब 64 हजार करोड़ रुपए की योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे और देश के 100 शहरों के मेयर समेत 1400 से ज्यादा मेहमानों को भी संबोधित करेंगे। 30 दिनों में उनका यह पांचवां उत्तरप्रदेश दौरा है।
लोकसभा चुनाव से 9 महीने पहले ही मोदी पूरी तरह से चुनावी मूड में आ गए हैं। उनका फोकस देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश पर है, जहां विपक्षी एकता की वजह से उपचुनावों में पार्टी को 3 लोकसभा सीटें गंवानी पड़ी थीं।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में एकजुट होते विपक्ष से निपटने के लिए मोदी और शाह ने नई रणनीति तैयार की है। बाकी पार्टियों से पहले उन्होंने तैयारी भी शुरू कर दी है। इसके तहत इस बार वह राज्य में हिंदुत्व और विकास को एक साथ लेकर आगे बढ़ेंगे। मोदी विकास प्रोजेक्टों की नींव रखकर जनता से रूबरू होंगे। सीएम योगी और शाह हिंदुत्व के एजेंडे को आगे बढ़ाएंगे।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक मोदी अब हर महीने यूपी में 2 से 4 रैली करेंगे। यह रैलियां वहां होंगी, जहां पार्टी को एकजुट विपक्ष से सबसे ज्यादा खतरा है।
मोदी ने 30 दिन में कीं 5 रैलियां
1 मगहर (संत कबीर नगर), 28 जून- गोरखपीठ क्षेत्र: 8 सीटें हैं, दलित, पिछड़ों का दबदबा
– मोदी ने 28 जून को मगहर में 24 करोड़ रुपए से बनी कबीर आकादमी का उद्घाटन किया। एक रैली भी की थी। उन्होंने कबीर के दोहों से विपक्ष पर निशाना साधा। मोदी ने कबीर के जरिए कबीरपंथी दलित और पिछड़ी जातियों को साधने की कोशिश की। गोरखपीठ क्षेत्र में 8 सीटें हैं। सभी पर भाजपा का कब्जा है। 55% आबादी दलित और पिछड़ी जातियों की है।
2 नोएडा (गाजियाबाद), 10 जुलाई-पश्चिम यूपी: 10 में 5 सीटों पर भाजपा से आगे गठजोड़
-नोएडा में मोदी ने द. कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन के साथ 5 हजार करोड़ रु की लागत से बने सैमसंग के सबसे बड़े मोबाइल प्लांट का उद्धाटन किया। हर साल 12 करोड़ मोबाइल फोन बनेंगे। कार्यक्रम में योगी भी थे। मोदी ने वेस्ट यूपी की 10 सीटों को साधने की कोशिश की। पश्चिम यूपी में 10 सीटें हैं। 2014 में सभी भाजपा ने जीतीं थीं। 5 सीटें ऐसी हैं, जिनमें एकजुट विपक्ष का वोट प्रतिशत ज्यादा है।
3 आजमगढ़, बनारस, 14 जुलाई-पूर्वांचल: एक्सप्रेस-वे के जरिए 15 सीटों पर फोकस
-मोदी ने 23 हजार करोड़ रु. से 340 किमी लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की आधारशिला रखी। बनारस में 22 हजार करोड़ रु. के विकास कार्यों का उद्धाटन किया। आजमगढ़ सपा, बसपा, कांग्रेस का गढ़ रहा है। यहां भाजपा 2014 में भी हार गई थी। आजमगढ़ में 83% हिंदू, 15% मुस्लिम हैं इसीलिए मोदी ने हिंदुत्व का कार्ड खेला और 15 सीटों को कवर किया।
4 शाहजहांपुर, 21 जुलाई:11 सीटें भाजपा के पास, किसान बड़ा वोट बैंक
-मोदी ने संसद में अविश्वास प्रस्ताव पेश होने के अगले दिन रुहेलखंड के शाहजहांपुर में किसान कल्याण रैली की। यहां उन्होंने किसानों की बात की। यहां की 12 में से 11 सीटों पर भाजपा के सांसद हैं। बदायूं से सपा के धर्मेंद्र यादव सांसद हैं। 2009 में यहां भाजपा के सिर्फ 2 सांसद थे। यह सपा, बसपा का गढ़ है। 2014 में 3 सीटों पर करीबी टक्कर हुई थी।
5 लखनऊ, 28 जुलाई-अवध क्षेत्र: विपक्षी दबदबे वाली 7 सीटों पर है ध्यान
मोदी शनिवार को लखनऊ में हैं। इस दौरान वह 60 हजार करोड़ रु. की लागत वाले करीब 74 प्रोजेक्टों का उद्धाटन या आधारशिला रखेंगे। इसमें अधिकतर केंद्रीय योजनाएं हैं। इनमें अटल मिशन, अमृत योजना, स्मार्ट सिटी आदि प्रमुख हैं। अवध में 12 लोकसभा सीटें आती हैं। इनमें से 10 पर भाजपा के सांसद हैं। रायबरेली और अमेठी यहीं हैं।
2014 में सपा, बसपा, कांग्रेस को भाजपा से 7% वोट ज्यादा मिले:आम चुनाव में सपा, बसपा, कांग्रेस, रालोद साथ लड़ सकती हैं। इन्होंने उपचुनाव में एक-दूसरे को समर्थन दिया था। ऐसे में भाजपा के सामने चुनौती अपने वोट बैंक को बचाना और संयुक्त विपक्ष से ज्यादा वोट लाना है। 2014 में सपा, बसपा व कांग्रेस को मिले वोट को जोड़ दें, तो यह भाजपा से 7% ज्यादा है।
2014 आम चुनाव में यूपी की 80 सीटों की स्थिति
पार्टी सीट वोट शेयर
भाजपा 71 42.3%
सपा 05 22.2%
कांग्रेस 02 7.5%
अपना दल 02 1.0%
बसपा 00 19.6%
* उपचुनाव में भाजपा का वोट प्रतिशत 2014 से करीब 10% कम हुआ है।
-एजेंसी

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