खुली जीप में मोदी-आबे ने किया रोड शो: साबरमती आश्रम भी पहुंचे आबे दंपत्ति

Abe couple visited Sabarmati Ashram
आबे दंपत्ति

गांधीनगर। जापान के पीएम शिंजो आबे अपने दो दिवसीय दौरे पर बुधवार को भारत पहुंचे। एयरपोर्ट पर नरेंद्र मोदी ने गले मिलकर शिंजो आबे का स्वागत किया। आबे के साथ उनकी पत्नी आकी आबे भी भारत आई हैं। अहमदाबाद में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद खुली जीप में मोदी-आबे ने रोड शो शुरू किया। रोड शो में शिंजो आबे मोदी जैकेट में नजर आए तो उनकी पत्नी सलवार-कुर्ते में दिखीं। यह शो करीब आठ किमी लंबा था। इसके बाद आबे साबरमती आश्रम पहुंचे और गांधी जी की तस्वीर पर माला चढ़ाई। बता दें कि दूसरे दिन, 14 सितंबर को दोनों नेता भारत की बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का शिलायन्स करेंगे। दोनों के बीच बाइलेटरल मीटिंग भी होगी।
पहली बार ऐसा रोड शो
मोदी का किसी दूसरे देश के पीएम के साथ ये पहला रोड शो था।
नरेंद्र मोदी और शिंजो आबे के बीच समझौते दिल्ली से बाहर होंगे। यह जुलाई 2001 में पाकिस्तान के प्रेसिडेंट परवेज मुशर्रफ के साथ आगरा में हुई समिट के बाद संभवत: दूसरा मौका होगा जब किसी देश के नेता के साथ दिल्ली से बाहर किसी शहर में समिट होगी।
ये दौरा क्यों खास है?
घेरेबंदी: अफ्रीकी कॉरिडोर से क्षेत्रमें चीन के प्रभाव को कम करेगा
भारत ने चीन के वन बेल्ट, वन रोड (ओबीओआर) प्रोजेक्ट से खुद को अलग रखा है। इस प्रोजेक्ट के जवाब में भारत ने अफ्रीकी डेवलपमेंट बैंक की मीटिंग में एशिया-अफ्रीका ग्रोथ कॉरिडोर को लांच किया था। यह मोदी और आबे का ड्रीम प्रोजेक्ट है।
इस विजिट के दौरान आबे इस प्रोजेक्ट से जुड़े कई समझौते कर सकते हैं। इसके जरिए भारत और जापान एशिया और अफ्रीकी देशों में क्वालिटी इंफ्रास्ट्रक्चर करना चाहते हैं। इस प्रोजेक्ट के तहत भारत और जापान साथ मिलकर अफ्रीका, ईरान, श्रीलंका और दक्षिण पूर्व एशिया में कई इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं।
मेक इन इंडिया: डिफेंस कंपनियां भी भारत में लगा सकती हैं प्लांट
इंडोनेशिया में बुलेट ट्रेन चलाने के लिए जापान, चीन से हार गया। ऐसे में आबे शिंकासेन बुलेट ट्रेन की टेक्नोलॉजी एक्सपोर्ट करने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में उनके लिए भारत सबसे बेहतर विकल्प है। संभव है कि मेक इन इंडिया के तहत भारत में बुलेट ट्रेन चलाने पर बड़ा एलान हो सकता है।
इसके अलावा दोनों प्रधानमंत्री और भी कई प्रोजेक्ट लॉन्च करेंगे। जापान के साथ सैन्य सहयोग बढ़ने के साथ-साथ भारत हथियारों और उपकरणों के घरेलू स्तर पर निर्माण के लिए रक्षा तकनीक हासिल करने में मदद मिल सकती है। इसके तहत जापानी डिफेंस कंपनियों से भारत में एयरक्राफ्ट, फाइटर प्लेन और सबमरीन बनाने के प्रोजेक्ट पर बात चल रही है।
संजीव सिन्हा गरीबी से लड़ आईआईटी पहुंचे, बुलेट ट्रेन एडवाइजर नियुक्त हुए
जापान ने संजीव सिन्हा को बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का एडवाइजर बनाया है। वे 20 साल से जापान में हैं। राजस्थान के संजीव 1989 में पहले ही प्रयास में आईआईटी में चुने गए। फीस चुकाने के पैसे नहीं थे। इसलिए लोन लेकर पढ़ाई की।
आबे की पत्नी के 10 से ज्यादा प्रोग्राम, ब्लाइंड पीपल एसोसिएशन भी जाएंगी
जापानी पीएम आबे की पत्नी एईको अहमदाबाद दौरे के दौरान 10 से अधिक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी। वे ब्लाइंड पीपल एसोसिएशन (बीपीए) भी जाएंगी। जापानी यूनिवर्सिटी के मसाज थैरपी का कोर्स बीपीए में चल रहा है।
मोदी CM थे तब पहली बार आबे से मिले थे
मोदी-आबे की यह चौथी शिखर बैठक है। यानी तीन बार वे इस बैठक में पहले ही मिल चुके हैं।
पिछली मुलाकात जर्मनी के हैम्बर्ग में जुलाई में जी-20 देशों की बैठक के मौके पर हुई थी।
नवंबर में मोदी जापान गए थे। आबे के साथ टोक्यो से बुलेट ट्रेन में बैठकर कोबे पहुंचे थे।
पिछले साल सितंबर में लाओस के वियंतिन में हुए 14वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन मिले थे।
गुजरात के सीएम रहते हुए मोदी 2007 और फिर 2012 में जापान गए थे जब आबे से उनकी मुलाकात हुई थी।
26 जनवरी 2014 को आबे गणतंत्र दिवस समारोह में दिल्ली आए थे। उस वक्त मोदी उनसे मिलने गुजरात से दिल्ली पहुंचे थे।
नरेंद्र मोदी ने 500 साल पुरानी मस्जिद ‘सिद्दी सैयद की जाली’ में भी आबे की अगवानी की। मोदी ने जापान के पीएम को इस मस्जिद के इतिहास के बारे में जानकारी दी और फिर दोनों लीडर होटल हाउस ऑफ एमजी पहुंचे। बता दें कि मोदी-आबे पिछले तीन साल में 10 बार मुलाकात कर चुके हैं।
आबे के इस दौरे के और क्या हैं मायने?
1 बिजनेस : दोनों देशों के बीच 5 लाख करोड़ के करार होंगे
मोदी-आबे के बीच मुलाकात के बाद भारत-जापान के बीच 15 करार होंगे। ये करार 5 लाख करोड़ रुपए के होंगे और डिफेंस, ऑटोमोबाइल, ट्रांसपोर्ट जैसे सेक्टर में होंगे। 15 जापानी कंपनियां गुजरात में इन्वेस्ट करेंगी।
बीते 10 साल से भारत में जापान से फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) छह गुना बढ़ा है। जापान भारत में तीसरा बड़ा इन्वेस्टर है। 2016-17 में जापान का भारत में इन्वेस्टमेंट 4.7 अरब डॉलर था। इसमें से 3.3 अरब डॉलर का इन्वेस्टमेंट गुजरात में था। भारत में जापान की 1200 कंपनियां ऑपरेट करती हैं।
2 डिफेंस : जापान से सी-प्लेन खरीदने पर बढ़ेगी बात
जापान भारत को कम कीमत पर 12 सी-प्लेन बेचना चाहता है। ये इंडियन नेवी के लिए होंगे। ये ऐसे प्लेन होंगे जो समुद्र से उड़ान भर सकेंगे और समुद्र में लैंड कर सकेंगे। इस डील की कीमत 10 हजार करोड़ रुपए के आसपास है। इस डील पर आगे बात बढ़ सकती है।
3 डिप्लोमैसी : चीन को रोकने की कोशिश
इंडियन ओशन रीजन में चीन का दखल बढ़ रहा है। इसे रोकने के लिए जापान को भारत जैसे देशों की जरूरत है। दूसरा, साउथ एशिया में भी चीन का दखल बढ़ रहा है। चीन श्रीलंका में एक बंदरगाह बना रहा है। नेपाल में बड़े पैमाने पर इन्वेस्टमेंट कर रहा है।
चीन वन बेल्ट, वन रोड प्रोजेक्ट (OBOR) के जरिए कई देशों को जोड़ रहा है। इसके जवाब में जापान एशिया-अफ्रीका ग्रोथ कॉरिडोर (AAGC) पर फोकस कर रहा है। इसमें भी उस भारत की जरूरत है।
चीन के OBOR के तहत फोकस रोड प्रोजेक्ट्स पर है, वहीं जापान के AAGC में फोकस एग्रीकल्चर, हेल्थ, टेक्नोलॉजी और डिजास्टर मैनेजमेंट पर है।
4 पर्सनल केमिस्ट्री
विदेश मामलों के एक्सपर्ट रहीस सिंह ने बताया, ”शिंजो आबे का स्वागत दिल्ली की बजाय अहमदाबाद में किया जा रहा है। गुजरात मोदी का घर है। ऐसे में वहां आबे का स्वागत कर मोदी उन्हें भारत-जापान के रिश्तों में नजदीकी का अहसास कराना चाहते हैं। मैं इसे ‘टच थैरेपी’ डिप्लोमैसी कहता हूं।”
बता दें कि इससे पहले मोदी ने जिनपिंग की अगवानी भी अहमदाबाद में की थी। वहीं, पिछली बार मोदी ने आबे की अगवानी बनारस में की थी। मोदी-आबे पिछले तीन साल में 10 बार मुलाकात कर चुके हैं।
5 इत्तेफाक 2014 जैसा
2014 में पीएम बनने के बाद मोदी अगर पड़ोसी देशों के अलावा पहली बार किसी बड़े देश गए थे तो वह जापान था। उनके क्योटो से लौटने के बाद मोदी ने अहमदाबाद में अपने जन्मदिन पर चीन के प्रेसिडेंट शी जिनपिंग की अगवानी की थी।
ठीक तीन साल बाद भी वैसे ही हालात हैं। इस बार मोदी चीन में ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेकर लौटे हैं और उनके 17 सितंबर को जन्मदिन से चार दिन पहले उन्होंने अहमदाबाद में ही जापानी पीएम की अगवानी की।
-एजेंसी