मिशन यूपी: एक-तिहाई मौजूदा विधायकों के टिकट काट सकती है BJP, 29 को लखनऊ पहुंच रहे हैं अमित शाह

यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर BJP की ठोस रणनीति तैयार करने के लिए अब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह खुद एक्टिव होने जा रहे हैं। वह 29 अक्टूबर को लखनऊ पहुंचेंगे और मिशन यूपी को अंजाम देने के लिए पार्टी के दिग्गजों सहित संगठन के दूसरे नेताओं से भी मीटिंग करेंगे। अमित शाह के इस दौरे से यूपी बीजेपी में खलबली मच गई है। दरअसल, इस खलबली की बड़ी वजह यह है कि आगामी विधानसभा चुनाव में बीजेपी अपने एक-तिहाई मौजूदा विधायकों के टिकट काट सकती है। बताया जाता है कि इस बारे में पार्टी ने अपना मन पूरी तरह बना लिया है।
किन नेताओं पर गिरेगी गाज?
जाहिर है कि ऐसे में यह चर्चा शुरू हो गई है कि टिकट गंवाने वालों की लिस्ट में कौन-कौन से नेता का नाम हो सकता है। इन नेताओं की तादाद 100 तक जा सकती है। वैसे बीजेपी सूत्रों का कहना है कि इनमें प्रमुख रूप से वो बीजेपी विधायक शामिल हैं जो 2017 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले दूसरे दलों से बीजेपी में आए थे, लेकिन फिर आलाकमान की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। इनमें कुछ ऐसा पार्टी नेता भी शामिल हो सकते हैं जिनका कामकाज संतोषजनक नहीं रहा और वे सीएम योगी आदित्यनाथ और पीएम नरेंद्र मोदी की छवि को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
​इस फैसले से बीजेपी को कितना नुकसान?
वैसे बीजेपी के अंदर इसकी चर्चा भी हो रही है कि कहीं इतनी तादाद में विधायकों के टिकट काटने से चुनाव में पार्टी को नुकसान ना हो। इसका उल्टा असर भी हो सकता है। हालांकि जो लोग मोदी-शाह की चुनावी शैली को जानते हैं, उनका कहना है कि ऐसे खतरे लेने से दोनों दिग्गज बिल्कुल नहीं हिचकते हैं।
​बीजेपी की कुछ ऐसी रणनीति
2017 के चुनाव में बीजेपी की झोली में 312 सीटें आई थीं और 39.67 फीसदी वोट मिले थे। एक बार फिर से बीजेपी उससे बढ़कर जबर्दस्त प्रदर्शन की उम्मीद कर रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए बीजेपी ने 1.5 करोड़ नए मेंबर्स जोड़ने का लक्ष्य रखा है। अभी बीजेपी के पास 2.3 करोड़ मेंबर्स हैं और इसकी संख्या बढ़ाने पर पार्टी का पूरा फोकस है।
संभावित नुकसान के लिए यह प्लान
2014 लोकसभा चुनाव में शाह को खुद पीएम मोदी ने ‘मैन ऑफ द सीरीज’ घोषित किया था और शाह ने इसे साबित भी किया था। सवर्ण और गैर यादव-ओबीसी वोटों को एकजुट कर बीजेपी ने करिश्माई प्रदर्शन किया था और यूपी में बीजेपी को नई जिंदगी मिली थी। एक बार फिर से शाह कुछ ऐसी ही रणनीति बनाने में जुटे हैं। बीजेपी मेंबर्स की संख्या बढ़ाना बीजेपी की प्रमुख रणनीतियों में एक है।
​इन नेताओं का टिकट क्यों काट रही बीजेपी?
पार्टी सूत्रों का कहना है कि सीनियर नेता मौजूदा विधायकों के कामकाज का भी आंकलन कर रहे हैं। इसमें विधानसभा क्षेत्र में विधायक की छवि, कामकाज और आम लोगों की राय भी ली जा रही है। इसी आधार पर इन नेताओं के टिकट बरकरार या काटने पर फैसले लिए जाएंगे। यूपी बीजेपी का कहना है कि अभी जो इसको लेकर भी अड़चन या संशय है, शाह के आने से वह दूर हो जाएगी।
-Legend News

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