पाकिस्तान में भारत के उच्चायुक्त से बदसलूकी, गुरुद्वारे में जाने से रोका

नई दिल्ली। पाकिस्तान ने एक बार फिर भारतीय राजनयिक के साथ बदसलूकी की है। पाकिस्तान में तैनात भारत के उच्चायुक्त अजय बिसारिया को शुक्रवार को रावलपिंडी के पास गुरुद्वारा पंजा साहिब में दर्शन करने से रोक दिया गया। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से उन्हें अनुमति भी थी पर अधिकारियों ने उन्हें जाने ही नहीं दिया। इस साल यह इस तरह का दूसरा मामला है। शुक्रवार को बिसारिया का जन्मदिन था इसलिए वह अपनी पत्नी के साथ गुरुद्वारा पंजा साहिब पहुंचे थे।
आपको बता दें कि बिसारिया को अप्रैल में भी गुरुद्वारा पंजा साहिब में दर्शन करने से रोका गया था। उस समय उन्हें इवेक्वी ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड की तरफ से निमंत्रण दिया गया था। पाकिस्तानी अथॉरिटी ने इसके पीछे सुरक्षा कारणों को जिम्मेदार बताया है।
भारतीय राजनयिकों को अप्रैल में भी उस समय गुरुद्वारे में प्रवेश नहीं दिया गया था, जब वह सिख श्रद्धालुओं से मिलने वहां पहुंचे थी। इसके बाद नई दिल्ली ने इस मामले में इस्लामाबाद के समक्ष विरोध दर्ज कराया था। इस मामले में दोनों पक्षों के राजनयिकों ने अपनी सफाई दी है।
भारत ने पाकिस्तान से अपने मिशनों के राजनयिकों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने को कहा है। भारत का कहना है कि पाकिस्तान में भारतीय नागरिकों को अक्सर उत्पीड़न और धमकी का सामना करना पड़ता है। 5 अप्रैल को विदेश राज्यमंत्री वी के सिंह ने कहा था कि दोनों देश डिप्लोमैट ट्रीटमेंट के मसले को सुलझाने के लिए तैयार हैं।

भारत ने पाकिस्तान के उपउच्चायुक्त को समन किया
नई दिल्ली। पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया को गुरुद्वारे में जाने से रोकने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। भारत ने इस पर कड़ा विरोध जताते हुए पाकिस्तान के उप उच्चायुक्त को यहां समन किया है। पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया और महावाणिज्य दूतावास के अधिकारियों को गुरुद्वारा पंजा साहिब जाने से रोका गया। भारतीय उच्चायुक्त के पास पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से अनुमति भी थी। इसके बावजूद उनके साथ बदसलूकी की गई। ऐसा तब हुआ है जब मार्च महीने में ही पाकिस्तान ने राजनयिक विवाद को ‘1992 कोड ऑफ कंडक्ट (COC)’ के तहत सुलझाने को लेकर सहमति जाहिर की थी।
शनिवार को विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया कि इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग ने भी इस मामले में कड़ा विरोध दर्ज कराया है। पाकिस्तान के उप उच्चायुक्त सैयद हैदर शाह को समन भी किया गया है। गौरतलब है कि पिछले काफी दिनों से भारत-पाकिस्तान के राजनयिक संबंधों में तनाव देखने को मिल रहा है।
अभी 10 जून को पाकिस्तान ने भारत के एयर एडवाइजर को इस्लामाबाद एयरपोर्ट पर ही रोक लिया था। पाकिस्तान का कहना था कि उनके पास पाक के विदेश मंत्रालय से जारी आईडी कार्ड नहीं था। हालांकि भारत ने सफाई दी थी कि पाक विदेश मंत्रालय ने उसे रिन्यू ही नहीं किया था।
मार्च महीने के अंतिम सप्ताह में दोनों देश राजनयिकों से जुड़े मुद्दों को पारस्परिक तौर पर सुलझाने के लिए राजी हो गए थे। पाकिस्तान ने 1992 कोड ऑफ कंडक्ट के तहत इन मामलों को सुलझाने के लिए हामी भरी थी लेकिन पाकिस्तान में भारतीय राजनयिक के साथ हुई बदसलूकी की इस हालिया घटना को देखकर नहीं लगता कि पड़ोसी देश के रुख में कोई खास सुधार हुआ है।
क्या है COC
सीओसी के मुताबिक, जब किसी देश के राजनयिक या कंसुलर कर्मी दूसरे देश जाते हैं तो उस मेजबान देश की जिम्मेदारी बनती है कि वह उनकी देखरेख करे। इतना ही नहीं उनकी जासूसी करके, टेलीफोन लाइन काटकर, अनजान गाड़ियों को उनके रहने वाले स्थान पर घुसाकर या किसी और तरीके से परेशान नहीं किया जाना चाहिए।
-एजेंसी

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