मीसा भारती और उनके पति शैलेश कुमार के फाइनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी

नई दिल्‍ली। बेनामी संपत्ति मामले में आयकर विभाग ने उनकी बेटी और राज्यसभा सांसद मीसा भारती और उनके पति शैलेश कुमार के फाइनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया है। उधर, राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद की मुश्किलें भी कम नहीं हो रही हैं।
बता दें कि इससे पहले द‌िल्ली के ब‌िजवासन स्थ‌ित मीसा भारती के फार्म हाउस को ईडी ने अटैच कर दिया था। हालांक‌ि द‌िल्ली में उनकी स‌िर्फ यही नहीं और भी कई करोड़ों की प्रॉपर्टी है। ईडी का मानना है कि 800 करोड़ रुपयों के काले धन को फर्जी कंपनियां (शैल कंपनी) बनाकर व्हाइट मनी में बदल गया है। इन्हीं पैसों से दिल्ली में मीसा भारती और उनके पति के नाम तीन प्रॉपर्टी खरीदी गई जिनकी कीमत करोड़ो में है।
मीसा समेत उनके पति पर भी फर्जी कंपनियों से पैसे जुटाने का आरोप है। जुलाई में मनी लॉन्ड्रिंग के केस में ईडी ने मीसा भारती के तीन ठिकानों पर छापेमारी की थी। दिल्ली की जिस प्रॉपर्टी को ईडी ने अटैच किया है उसकी कीमत करोड़ों में है।
फॉर्म हाउस नंबर 26 पालम में बना हुआ है। इसकी बेनिफीशियल ओनर मीसा भारती और उनके पती शैलेश हैं। इस फार्म हाउस की कागजों में कीमत 1.41 करोड़ रुपये है, वहीं संपत्ति की बाजार में कीमत 40 करोड़ रुपये की है।
वहीं आईआरसीटीसी के दो होटलों के देखभाल की जिम्मेदारी एक निजी फर्म को दिए जाने के क्रम में हुई कथित अनियमितताओं के मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री लालू प्रसाद यादव सोमवार को और उनके पुत्र तेजस्वी यादव मंगलवार को सीबीआई के समक्ष पेश नहीं होंगे।
सूत्रों ने बताया कि लालू ने रांची की अदालत में अपने खिलाफ चल रहे मुकदमे की सुनवाई के कारण जबकि तेजस्वी ने अपने पूर्व-निर्धारित राजनीतिक कार्यों की वजह से सीबीआई द्वारा तय तारीख पर उपस्थित होने में असमर्थता जताई है। सीबीआई ने लालू को 11 सितंबर जबकि तेजस्वी को 12 सितंबर को उपस्थित होने का समन भेजा था। एजेंसी के एक अधिकारी ने सोमवार को कहा, ‘हम ताजा समन की नई तारीख तय करेंगे।’
सीबीआई सूत्रों ने बताया कि राजद प्रमुख को पूछताछ के लिए सोमवार को जबकि तेजस्वी को मंगलवार को (12 सितंबर) सीबीआई मुख्यालय में उपस्थित होना था।
आरोप है कि रेल मंत्री रहते हुए लालू प्रसाद यादव ने रेलवे के दो होटलों बीएनआर रांची और पुरी के देखभाल की जिम्मेदारी विनय और विजय कोचर के मालिकाना हक वाली कंपनी सुजाता होटल को सौंपी और इसके बदले लालू ने एक बेनामी कंपनी के जरिए तीन एकड़ महंगी जमीन प्राप्त की।
प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि लालू ने अवैध तरीके से कोचर बंधुओं को लाभ पहुंचाने के लिए रेल मंत्री के अपने पद का दुरुपयोग किया और इसके बदले डिलाइट नामक बेनामी कंपनी के माध्यम से ‘महंगी जमीन’ ली। उन्होंने बेईमानी और फर्जीवाड़ा करके बीएनआर रांची और पुरी के देखभाल का जिम्मा कोचर बंधुओं को सौंपा।
सीबीआई ने इस संबंध में लालू, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, पुत्र तेजस्वी यादव और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रेम चंद गुप्ता की पत्नी सरला गुप्ता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। प्राथमिकी में अन्य आरोपी हैं सुजाता होटल के निदेशक और चाणक्य होटल के मालिक विजय कोचर और विनय कोचर, डिलाइट मार्केटिंग कंपनी और तत्कालीन प्रबंधक निदेशक पीके गोयल। डिलाइट का नाम बदलकर अब लारा प्रोजेक्ट्स हो गया है।
-एजेंसी