अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष ने कहा, देशहित में जल्द हो अयोध्या विवाद का फैसला

नई दिल्‍ली। उच्चतम न्यायालय में अयोध्या मामले की सुनवाई टलने के बाद राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष सैयद गैयूरुल हसन रिजवी ने बृहस्पतिवार को कहा कि इस विवाद का जल्द फैसला देशहित में रहेगा। उन्होंने सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को 10 फीसदी आरक्षण दिए जाने संबंधी संविधान संशोधन विधेयक संसद में पारित होने का स्वागत करते हुए यह भी दावा किया कि नरेंद्र मोदी सरकार के इस कदम से अल्पसंख्यक समाज के गरीबों को सबसे ज्यादा फायदा होगा।
अयोध्या मामले के संदर्भ में रिजवी ने संवाद्दाताओं से कहा, ‘अयोध्या मामला अदालत में चल रहा है। प्रधानमंत्री जी ने पूरे देश के सामने कह दिया है कि अदालत का निर्णय आने के बाद ही सरकार अगला कदम उठाएगी लेकिन यह जरूर है कि इसकी सुनवाई जल्द से जल्द होनी चाहिए और इसमें देर करने के लिए किसी अदालत में अर्जी नहीं लगाना चाहिए।’
उन्होंने कहा, ‘इस मामले का फैसला जितना जल्दी आएगा, वो देश के हित में होगा और हिंदू एवं मुसलमानों के बीच भाईचारा बढ़ेगा।’ अल्पसंख्यक आयोग प्रमुख ने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने बिल्कुल सही कहा है। हमारा भी यही कहना है कि फैसला आने के बाद सरकार तय करेगी कि उसे क्या करना है।’
दरअसल, राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामले की बृहस्पतिवार को उच्चतम न्यायालय में सुनवाई शुरू नहीं हो सकी क्योंकि संविधान पीठ के एक सदस्य न्यायमूर्ति उदय यू ललित ने इससे खुद को अलग कर लिया। न्यायालय अब 29 जनवरी से इस मामले की सुनवाई के लिये नयी संविधान पीठ गठित करेगा।
सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण विधेयक पारित होने का स्वागत करते हुए रिजवी ने कहा, ‘इस विधेयक की खासियत यह है कि पहली बार आरक्षण संबंधी किसी विधेयक में अल्पसंख्यक समाज को भी शामिल किया गया है।
इस ऐतिहासिक और साहसिक कदम के लिए हम प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार को बधाई देते हैं।’
उन्होंने कहा, ‘हमारा मानना है कि केंद्र सरकार के इस फैसले से सभी वर्गों को फायदा होगा, लेकिन अल्पसंख्यकों को ज्यादा फायदा होगा क्योंकि उनमें ज्यादा गरीबी है।’ हाल ही में लोकसभा से पारित नागरिकता संशोधन विधेयक के संदर्भ में रिजवी ने कहा कि इससे अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश में उत्पीड़न की वजह से वहां से आए अल्पसंख्यकों के साथ न्याय होगा।
-एजेंसियां

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