ऊर्जा मंत्रालय ने पहली बार बिजली उपभोक्‍ताओं को दिए कई अधिकार

नई दिल्ली। ऊर्जा मंत्रालय ने पहली बार बिजली उपभोक्‍ताओं को कई अधिकार दिए हैं, जिनके लिए कुछ नियम भी बनाए हैं। इन नियमों की बात करते हुए ऊर्जा राज्य मंत्री आर के सिंह ने कहा कि ये नियम बिजली ग्राहकों को और मजूबत बनाने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि देश भर में डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों की मोनोपोली है, भले ही वह सरकारी हों या प्राइवेट लेकिन ग्राहकों के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं रहता।
ऐसे में ये जरूरी है कि ग्राहकों के लिए कुछ अधिकार तय किए जाएं और इन्हें लागू करने का एक सिस्टम बनाया जाए। तय समय में काम पूरा नहीं करने पर अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही का भी प्रावधान है। आइए जानते हैं इसके तहत ग्राहकों को होगा क्या फायदा।
कनेक्शन के लिए ऑनलाइन आवेदन पर तय की समय सीमा
नए नियमों के तहत डिस्ट्रिब्यूटर का ये कर्तव्य है कि वह ग्राहक की मांग पर उसे नियम के अनुसार बिजली सप्लाई करे। साथ ही यह ग्राहक का अधिकार है कि उसे सारे स्टैंडर्ड का पालन करते हुए बिजली मिले। नए नियम के तहत बिजली से जुड़़े कामों को पारदर्शी और आसान बनाया गया है। इसके तहत ग्राहकों को ऑनलाइन आवेदन का विकल्प मिलेगा। यानी बिजली कनेक्शन के लिए कार्यालय के चक्कर नहीं काटने होंगे। बिजली कनेक्शन मेट्रो सिटी में 7 दिन के अंदर और बाकी नगर पालिकाओं में 15 दिन के अंदर देना होगा। वहीं ग्रामीण इलाकों में 30 दिन के अंदर-अंदर नया कनेक्शन देना होगा।
बिना मीटर के नहीं मिलेगा कनेक्शन
यह भी तय किया गया है कि बिना मीटर को कोई भी कनेक्शन नहीं दिया जाएगा और वह मीटर भी स्मार्ट प्री-पेमेंट मीटर होगा या फिर प्री-पेमेंट मीटर होगा। मीटर की टेस्टिंग, उसमें डिफेक्ट, जलने या चोरी होने को लेकर भी प्रोविजन बनाए गए हैं। कंज्यूमर टैरिफ और बिल में पारदर्शिता भी होगी। साथ ही ग्राहकों को बिल के ऑनलाइन भुगतान का विकल्प भी मिलेगा।
कॉल सेंटर भी खुलेगा
ये भी तय किया गया है कि ग्राहकों की सुविधा के लिए ग्राहक सेवा केंद्र की शुरुआत की जाएगी। जो लोग इंटरनेट नहीं चला सकते हैं, उनकी सुविधा के लिए कॉल सेंटर खोला जाएगा। वहीं ग्राहकों की शिकायतों का निपटारा करने के लिए ग्रिव्यासं रीड्रेसल फोरम की शुरुआत होगी। इतना ही नहीं, ये तय किया जाएगा कि कितने समय में शिकायत का निपटारा किया जाना है।
-एजेंसियां

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