सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने आधार कार्ड को लेकर कुछ नए नियम बनाए

नई दिल्‍ली। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने आधार कार्ड को लेकर कुछ नए नियम बनाए हैं, जिन्हें लेकर एक नोटिफिकेशन भी जारी किया गया है।
नए नियमों के अनुसार अब आधार के बायोमीट्रिक डेटा का इस्तेमाल नागरिकों को कुछ ऑनलाइन सेवाएं देने के लिए किया जा सकेगा। जैसे- लर्निंग लाइसेंस बनवाना, ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यू करवाना, गाड़ी का रजिस्ट्रेशन करवाना और इन दस्तावेजों में पता बदलना।
किसलिए की गई ये नई व्यवस्था?
सड़क यातायात मंत्रालय ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को एक पत्र लिखकर आग्रह किया था कि ड्राइविंग लाइसेंस और गाड़ी के रजिस्ट्रेशन से जुड़ी ऑनलाइन सेवाओं को आधार के दायरे में लाया जाए। ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री ने ये प्रस्ताव इसलिए दिया ताकि फर्जी एवं डुप्लिकेट ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य दस्तावेजों के फर्जीवाड़ों को रोका जा सके। इससे लोगों को बिना ऑफिस विजिट किए ही सुविधाएं मिल सकेंगी।
‘ऑनलाइन सेवाओं के लिए आधार ऑथेंटिकेशन बेहतर’
एक सूत्र के मुताबिक अगर कोई ऑनलाइन सेवाएं लेना चाहता है तो आधार ऑथेंटिकेशन बेहतर रहेगा। आयकर रिटर्न फाइल करने के लिए ऑनलाइन वेरिफिकेशन या ऑथेंटिकेशन आधार आईडी से करना सबसे लोकप्रिय रहा है। 2018 में ट्रांसपोर्ट मंत्रालय ने ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदन के लिए आधार को आईडी प्रूफ के तौर पर अनिवार्य कर दिया था लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इसे ड्रॉप कर दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सरकारी लाभकारी योजनाओं के अलावा बाकी किसी भी सेवा में आधार को जरूरी नहीं किया जा सकता है।
‘आधार अनिवार्य हुआ तो नहीं बनाए जा सकेंगे डुप्लिकेट डीएल’
पिछले ही साल जुलाई में सरकार ने आधार एक्ट में संशोधन किया था और आधार को आइडेंटिटी प्रूफ के तौर पर इस्तेमाल करने को स्वैच्छिक बनाया था। वहीं पिछले ही महीने सूचना एवं प्रसारण नए नियम लाया, जिनके तहत केंद्रर और राज्य सरकार से प्रस्ताव तैयार करने को कहे गए कि वह किन कामों के लिए आधार वेरिफिकेशन चाहते हैं। सितंबर 2019 में सूचना एवं प्रसारण मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि अगर आधार को अनिवार्य कर दिया जाए तो डुप्लिकेट ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बनाए जा सकेंगे।
-एजेंसियां

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