30,000 वायरल वीडियो पर गृह मंत्रालय सख़्त, Tiktok को सारे वीड‍ियो हटाने के निर्देश

नई द‍िल्ली। Tiktok के जरिए कोरोना पर मुस्ल‍िम आबादी को उकसाने के लिए एक निजी साइबर संस्था Voyager Infosec ने रिसर्च कर 30,000 वीडियो की जांच कर गृह मंत्रालय को रिपोर्ट सौंपी है।

जांच में पता चला है कि ज्यादातर वीडियो पाकिस्तान समेत मिडिल ईस्ट एशिया में बनाए गए हैं। इन वीडियो को भारत भेजकर यहां की स्थानीय भाषाओं में तब्दील कर दिया गया है। इसका खुलासा होने के बाद केंद्र सरकार भी सक्रिय हो गई है।

हिंदी और उर्दू के वॉयस ओवर में बदला
जांच रिपोर्ट में ज्यादातर वीडियो विदेशों से फैलाए गए हैं, जिनमें हिंदी टेक्स्ट और उर्दू वॉयसओवर के साथ एडिट किया गया है। इसकी मदद से भारतीय अल्पसंख्यक समुदाय को आसानी से बरगलाया जा रहा है। जांच रिपोर्ट में इस दुष्प्रचार अभियान में विदेशी साजिश सामने निकल कर आ रही है।

इस पूरे मामले की जांच का जिम्मा आईबी के साथ दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम सेल कर रही है। साथ ही टिकटॉक को पत्र लिखकर ऐसे वीडियो को उनके एप से हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

एक तरफ देश कोरोना वायरस से लड़ रहा है तो दूसरी तरफ विदेशों में बैैठे कुछ लोग भड़काऊ वीडियो बनाकर लॉकडाउन पालन न करने के लिए उकसा रहे हैं। वीडियो के जरिए इसे धर्म विशेष के खिलाफ बताकर अल्पसंख्यक समुदाय को मास्क न लगाने की सलाह दी जा रही है।

दिल्ली की डिजिटल लैब Voyager Infosec ने इस सप्ताह जारी की गई 30,000 वीडियो की जांच की है। इसमें एक समुदाय को टारगेट कर भ्रम फैलाने वाली सूचनाएं देने का अभियान नजर आ रहा है। वीडियो में कोरोना वायरस के खतरे के बावजूद सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनने से दूर रखने की बात कही जा रही है।

वीडियो में युवाओं को दिखाया गया
वीडियो में मुस्ल‍िम समुदाय के किरदार में युवाओं को दिखाया गया है, जो अल्पसंख्यकों को सावधानियां बरतने से हतोत्साहित करते नजर आते हैं। वीडियो में दिख रहे किरदार इसे सीएए-एनआरसी से जोड़कर बताने का प्रयास कर रहे हैं।

इसके जरिए बताया जा रहा है कि सरकार कोरोना के बहाने एनआरसी के लिए मुस्ल‍िम समुदाय का पूरा डिटेल जुटा रही है। वोइजर इंफोसेक ने अपनी डिजिटल जांच रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंप दी है। जांच में वीडियो के सोर्स की जानकारी भी मिल गई है।

वीडियो जारी करने वालों का अकाउंट डिलीट
भड़काऊ वीडियो में कंटेट को मूल रूप से बनाने वाले अनेक अकाउंट डिलीट पाए गए हैैं। Voiser InfoSec की जांच रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियो के वायरल होने के बाद ऐसा किया जा रहा है। अकाउंट डिलीट करने से इनके मुख्य आरोपियों तक पहुंचना जांच एजेंसियों के लिए भी कड़ी चुनौती है।

Tiktok वीडियो की जांच में जुटा
कोरोना वायरस पर भड़काऊ वीडियो बनाने वाले अकाउंट बैन करने पर टिकटॉक जांच कर रहा है। टिकटॉक ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि वो ऐसे हजारों अकाउंट्स को बैन कर रहा है और वीडियोज को हटा रहा है जिनमें कोरोना वायरस को लेकर गलत सूचना दी जा रही है।

साइबर क्राइम सेल भी जांच में जुटी
वीडियोज की जानकारी होने के बाद खुफिया एजेंसियों के साथ-साथ दिल्ली की साइबर क्राइम सेल भी जांच में जुटी है। साइबर सेल वीडियो के संबंध में टिकटॉक के संपर्क में है। ऐसे वीडियो को शेयर करने वालों की तलाश शुरू कर दी है। टिकटॉक से वीडियो डाउनलोड कर इसे व्हाट्सएप के जरिए देश भर में फैलाया जा रहा है। इस मामले में कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी भी की जा चुकी है।

– एजेंसी

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