अखिलेश सरकार में मंत्री रहे राम करन आर्य को हत्या के एक मामले में आजीवन कारावास

Minister in the Akhilesh government Ram Karan Aarya was sentenced to life imprisonment in a case of murder
अखिलेश सरकार में मंत्री रहे राम करन आर्य को हत्या के एक मामले में आजीवन कारावास

बस्ती। अखिलेश यादव की सरकार में मंत्री रहे राम करन आर्य को हत्या के एक मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। आजीवन कारावास के साथ कोर्ट ने आर्य पर 20 हजार रुपया जुर्माना भी लगाया है।
कोर्ट के फैसले के बाद पुलिस ने पूर्व मंत्री राम करन आर्य को हिरासत में लिया। सपा सरकार में आबकारी मंत्री रहे राम करन आर्य को जिला जज ने उम्र कैद की सजा सुनाई। राम करन आर्य ने विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी को राक्षस तथा कांग्रेस को छोटा शैतान कहा था।
हत्या के मामले में बस्ती जनपद निवासी एवं पूर्व मंत्री रामकरन आर्य को जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार पुंडीर ने सोमवार को आजीवन करावास की सजा सुनाई है। मामले में आठ अन्य आरोपियों को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया। एक आरोपी की मुकदमा के दौरान मौत हो गई।
भाजपा के वर्तमान सांसद जगदंबिका पाल के चचेरे भाई भरवलिया गांव निवासी शंभूपाल की 24 नवंबर 1994 को शहर के सुभाष तिराहा स्थित गांधी कला भवन के सामने दिन में 12 बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस समय नगर पूरब से विधायक रहे रामकरन आर्य ने अपने गनर की बंदूक छीन कर शंभूपाल को गोली मारी थी। घटना के समय शंभू पाल वाल्टरगंज में आयोजित किसान गोष्ठी में शामिल होने के लिए जीप से जा रहे थे। सुभाष तिराहा पर रामकरन आर्य के वाहन में शंभूपाल की जीप से पीछे से ठोकर लग गई थी।
इसी बात पर दोनो पक्ष में कहा सुनी हुई और बात बढ़ गई। तब से इस मामले की सुनवाई चल रही थी। सोमवार को दोपहर बाद एक बजे फैसला सुनाने का समय आया तो इसे देखने और सुनने भारी भीड़ कोर्ट के बाहर जमा हो गई। बस्ती की दीवानी अदालत में इस मामले की पैरवी स्व.शम्भू पाल के पुत्र शिव बहादुर पाल ने की थी। आज फैसला आने के बाद शिव बहादुर पाल ने कहा कि पिता शम्भूपाल की हत्या की सजिश रचने के आरोप में पूर्व मंत्री रामकरन आर्य को आजीवन कारावास की सजा के बाद से अब कुछ हलका महसूस कर रहा हूं। शिव बहादुर से साथ इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी थे।
चार बार विधायक और दो बार मंत्री रहे राम करन
राम करन आर्य सपा सरकार में आबकारी एवं खेलकूद राज्य मंत्री रहे। वर्ष 2017 का विधान सभा चुनाव सपा के टिकट पर लड़े और बुरी तरह चुनाव हार गए। वह चार बार विधायक और दो बार सपा सरकार में मंत्री रहे। 1889 में वह इसी सीट से जनता दल के टिकट पर लड़कर जीते थे। इसके बाद वह फिर 1993 में सपाई बन गए और चुनाव जीत गए। वर्ष 2002, 2012 में वह सपा के टिकट पर लड़े और जीते।
यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन पर अखिलेश यादव सरकार में खेल व युवा कल्याण के साथ आबकारी मंत्री रहे राम करन आर्य भाजपा को बड़ा शैतान तथा कांग्रेस को छोटा शैतान बताया था। राम करन आर्य, उत्तर प्रदेश की 16वीं विधानसभा सभा में विधायक और सपा सरकार में मंत्री थे। 2012 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में इन्होंने उत्तर प्रदेश की बस्ती के महादेवा विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव जीता था।
पहले भी दे चुके हैं विवादित बयान
मंत्री रामकरन पहले भी विवादित बयान दे चुके हैं। एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि आने वाले चुनावों में जो हमें वोट नहीं देगा वो हमारा सगा नहीं है। उन्होंने कहा था, पोलिंग के दिन जो भी कार्यकर्ता बूथ पर खड़ा होकर मुलायम और अखिलेश को वोट देगा, वहीं उनका सगा है। बेटी देना और बेटी लेना कोई रिश्तेदारी नहीं है।
-एजेंसी

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