राजस्थान में सरकार बचाने को हर रोज उड़ाए जा रहे लाखों रुपये

जयपुर। राजस्थान सरकार बचाने को जयपुर-दिल्ली रोड स्थित ज‍िस होटल फेयरमोंट को एपीसेंटर बनाया जा चुका है, इसके कुल 245 कमरों में से 120 कमरे विधायकों और नेताओं के लिए बुक करवाए गए हैं जिसका रोज का खर्च 12 लाख रुपए बताया जा रहा है। गौरतलब है कि अंतराष्ट्रीय होटल ब्रांड फेयरमोंट का भारत में सिर्फ एक होटल जयपुर में है।

यहां दिन-रात मीटिंग का दौर लगातार चल रहा है, गहलोत सरकार ने इस होटल को अपना एक अभेद्य किला बना किया है।

जानकारी अनुसार, होटल के खर्च में रहने-खाने की साथ सभी व्यवस्थाएं शामिल हैं। साथ ही होटल मे भी सभी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। जिसमें विधायक दल की मीटिंग भी शामिल है। साथ ही मंत्रियों के ऑफिस के काम भी बाड़ेबंदी से ही निपटाए जा रहे हैं।

पायलट गुट के 12 दिन में 27 लाख खर्च हुए

वहीं, पायलट गुट के विधायक भी करीब 12 दिन से मानेसर स्थित होटल में मौजूद हैं। सूत्रों की माने तो वहीं भी हर दिन ढाई लाख रुपए का खर्च आ रहा है। जहां करीब 22 कमरे बुक करवाए गए हैं, लेकिन विधायक 19 ही मौजूद हैं। जिसके अनुसार करीब 27 लाख रुपए अब तक होटल मे रहने के लिए खर्च किया जा चुका है।

फेयरमोंट होटल में हर लग्जरी सुविधा

गहलोत गुट के लग्जरी होटल में नॉर्मल रूम से लेकर सुइट्स तक हैं। यहां पर कमरों को कुल पांच कैटेगरी में बांटा गया है। जिसमें फेयरमोंट रूम, डीलक्स रूम, सिग्नेचर रूम, फेयरमोंट गोल्ड और सुइट्स हैं। जिनके एक दिन का किराया 7650 से 38350 तक है। साथ ही होटल में इनडोर गैम्स के साथ फिल्म देखने, जिम, स्पा और स्वीमिंग पूल की भी व्यवस्था है।

दोनों पक्षों के 3 वकीलों की फीस 1.50 करोड़ से ज्यादा

राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री पायलट की तरफ से पूर्व सॉलिसिटर जनरल हरीश साल्वे और मुकुल रोहतगी केस लड़ रहे हैं। वहीं, विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी के वकील कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सीनियर वकील अभिषेक मनु सिंघवी हैं। कानूनी जानकारों के अनुसार साल्वे, रोहतगी और सिंघवी एक दिन की पैरवी के बदले 40 से 50 लाख तक फीस लेते हैं। ऐसे में तीनों वकीलों को हर दिन करीब 1.50 करोड़ रुपए फीस दी जा रही है। जिसके बारे में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी सवाल उठा चुके हैं कि उनके(पायलट) पास 50-50 लाख रुपए फीस लेने वाले वकीलों के लिए पैसा कहां से आ रहा है।

राजनीतिक संकट के चलते जयपुर आते रहे नेता, चार्टर मूवमेंट पर हर घंटे ढाई से तीन लाख खर्च

पिछले माह राज्यसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस और भाजपा विधायकों की बाड़ेबंदी हुई थी। इस दौरान कांग्रेस ने दो नेताओं को ऑब्जर्वर की जिम्मेदारी भी दी थी। इन नेताओं के सभी तरह के मूवमेंट चार्टर प्लेन के जरिए ही हुए थे। अब राज्य में पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट द्वारा सरकार को समर्थन नहीं देने के बाद भी सियासी संकट खड़ा हो गया है और लगातार कांग्रेस नेताओं का मूवमेंट चार्टर प्लेन के जरिए हो रहा है। एक चार्टर विमान को किराए पर लेने का खर्चा प्रति घंटे करीब ढाई से तीन लाख रुपए होता है।
– एजेंसी

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