न्यू यॉर्क के आसमान में विमान से संदेश, बलूचों के मानवाधिकारों की रक्षा करें

न्यू यॉर्क। संयुक्त राष्ट्र में प्रधानमंत्री मोदी और पाकिस्तानी पीएम इमरान खान के भाषण से पहले स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी के आसपास एक विमान उड़ता हुआ नजर आया। इस विमान के साथ एक संदेश भी लहरा रहा था जिसमें लिखा था, ‘बलूचिस्तान में मानवाधिकारों की रक्षा के लिए संयुक्त राष्ट्र मदद करे।’ बता दें कि इमरान खान लगातार कश्मीर को लेकर प्रॉपगैंडा करते हैं लेकिन उनके अपने देश में मानवाधिकारों का उल्लंघन लंबे समय से होता रहा है। भारत अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान को आईना दिखा चुका है।
न्यू यॉर्क की सड़कों पर भी पाकिस्तान के विरोध में पोस्टर दिखे और सैकड़ों लोगों ने पाकिस्तान के द्वारा हो रहे अत्याचार को लेकर आवाज उठाई। लेकिन पाकिस्तान अपने देश की समस्या और मानवाधिकार उल्लंघन पर आंख मूंदे कश्मीर पर झूठ फैला रहा है। अमेरिका ने तो यहां तक कहा कि अमेरिका आखिर चीन के नजरबंद मुसलमानों की चिंता क्यों नहीं करता है।
मंगलवार को भी यूएनएचआरसी में भारत ने पाकिस्तान को लताड़ लगाई थी। भारत ने कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के खिलाफ घृणा, भेदभाव और असहिष्णुता फैली हुई है। पहले उसे इन बातों पर ध्यान देना चाहिए। यूएनएचआरसी का सत्र 9 सितंबर को शुरू हुआ। आज यानी इस सत्र के आखिरी दिन पीएम मोदी और इमरान खान दोनों का भाषण है।
पाकिस्तान आतंकवाद और मानवाधिकारों के उल्लंघन को लेकर हमेशा सवालों के घेरे में रहता है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र में कहा था, ‘हम भारत के खिलाफ झूठी खबरें फैलाने के लिए पाकिस्तानी परिषद का लगातार इस्तेमाल करने पर निंदा करते हैं। हम पाकिस्तान को सलाह देंगे कि वह पीओके, खैबर पख्तूनख्वा, बलूचिस्तान और सिंध में अल्पसंख्यकों के खिलाफ नफरत, भेदभाव और असहिष्णुता से जुड़े मामलों को देखे।’
कश्मीर से अनुच्छेद 370 को खत्म किए जाने के बाद बौखलाए इमरान ने पीओके में एक रैली भी की थी। इस रैली में उन्होंने ट्रकों में भरकर भीड़ मंगवाई थी। यहां इमरान खान को अपने ही लोगों का विरोध भी झेलना पड़ा। छात्रों ने उनके खिलाफ नारेबाजी की और बाद में उन छात्रों पर केस दर्ज किया गया। इमरान खान को अपने देश में अत्याचार के लिए घेरा जाता रहा है। यहां तक कि उन्हें इलेक्टेड पीएम नहीं सिलेक्टेड पीएम कहा जाता है।
-एजेंसियां

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