वेलेंटाइन डे पर Nirankari भक्तों ने दिया संदेश

वेलेंटाइन डे पर Nirankari भक्तों ने दिया संदेश प्रभु से प्रेम करने वाले सबसे करते हैं प्यार

मथुरा। न वैर की न तकरार की, अब जरूरत है प्यार की, Nirankari बाबा हरदेव सिंह जी का यह संदेश गुरुवार को वेलेंटाइन डे पर हाइवे नवादा स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन पर निरंकारी भक्तों ने दिया।

युवा प्रचारक किशोर स्वर्ण ने कहा कि प्यार किसी उम्र या रिश्ते विशेष के लिए नहीं होता। प्यार हर किसी के साथ हो। वेलेंटाइन डे पर निरंकारी बाबा जी का भी यही संदेश है कि प्यार सजाता है गुलशन को और नफरत वीरान करे, अतः नफरत किसी से नहीं, सभी से सिर्फ प्यार करें।

प्रचारक भगवती प्रसाद ने कहा कि सद्गुरु प्यार की सही समझ देता हैं। जो प्रभु से प्रेम नहीं करता, वह किसी से भी प्रेम नहीं कर सकता। सद्गुरु भक्त को ब्रह्मज्ञान प्रदान कर परमात्मा से मिलन कराता है, फिर प्रभु से प्रेम पनपता है, तब सबसे प्रेम भी स्वतः ही हो जाता है।

संयोजक हरविंद्र कुमार ने कहा कि निरंकारी सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज सबको प्यार बांटना सिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्यार बांटने से बढ़ता है। निरंकारी मिशन प्रेम और भाईचारे का एक प्रेरक अभियान है।

इस अवसर पर निरंकारी भक्तों ने निरंकार परमात्मा के प्रति अपने प्रेम का इजहार किया, वहीं प्रेम की सीख देने वाले सद्गुरु का शुकराना कर, एक दूसरे के गले मिल शुभकामनाएं दी।
इस मौके पर रवि, भरत, विसम्बर, बाबू , ललित, आशू , मुकेश, ओपी सिंह, ओमप्रकाश, एसके रावत आदि शामिल थे।

भरतपुर के Nirankari संत समागम में छाए रहे मथुरा के भक्त

मथुरा। निरंकारी सद्गुरू माता सुदीक्षा जी महाराज के प्रथम बार भरतपुर आगमन पर नुमाइश मैदान में सम्पन्न हुए निरंकारी सन्त समागम मे मथुरा के Nirankari भक्त छाए रहे।

प्रवक्ता किशोर स्वर्ण ने जहां प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी सम्भाली वहीं मंच संयोजन में भी डटे रहे और काव्य पाठ कर वाह वाही बटोरी, इसके अलावा मथुरा की आठ प्रस्तुतियां रही। इस प्रकार भरतपुर के संत समागम में मथुरा के भक्त छाये रहे।

समागम में मथुरा संयोजक हरविंद्र कुमार, सेवादल संचालक मोहन सिंह और शिक्षक अशोक दयालु के नेतृत्व में मथुरा के सेवादल सदस्यों ने विभिन्न व्यवस्थाओं में अपनी सेवाएं दी। सत्संग के दौरान निरंकारी पुस्तकें और निरंकारी सद्गुरु के कलैंडर लेने में भक्तों का काफी उत्साह देखा गया।

संत समागम में मथुरा के भक्तों सहित चार प्रदेशों के हजारों भक्तों ने निरंकारी सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के आशीर्वचनों का लाभ प्राप्त किया।

उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए सद्गुरु माता सुदीक्षा जी ने प्रभु निरंकार से जुड़ने की सीख देते हुए कहा कि सबको ब्रह्मज्ञान प्राप्त कर लेना चाहिए।

सद्गुरू माता जी ने सत्य-ज्ञान और प्रेम वाली शिक्षा को अपनाने की सीख देते हुए कहा कि दुनिया एक अलग दिशा में जा रही है। एक तरफ नफरत वाला रास्ता है, और दूसरी ओर प्यार वाला रास्ता है। संत प्यार वाला रास्ता चुनते हैं।

सद्गुरू माता जी ने कहा कि शरीर छोड़ने के बाद कहां जाना है, इसके बारे में जीते जी जान लें। सत्संग से मुक्ति का द्वार खुलता है और मुक्ति ब्रह्मानुभूति से सम्भव है। हर इंसान प्रभु ज्ञान की रोशनी अपने अंदर लाएं और दुनियां के कौने-कौने में रोशनी का आनंद प्रदान करें।

 

 

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