NEET के तहत होने वाले पीजी दाखिले के पहले ही दिन मेरिट लिस्‍ट निरस्त

लखनऊ। NEET के तहत पीजी दाखिले के पहले ही दिन मेरिट लिस्‍ट निरस्त कर दी गई है। पीएमएस कोटे से कुछ अभ्यर्थियों को बाहर कर दिए जाने के बाद हुई आपत्ति के चलते NEET मेरिट लिस्ट रद्द कर नई सूची जारी की गई है।
National Eligibility cum Entrance Test (NEET) के तहत होने वाले पीजी के दाखिलों की मेरिट लिस्‍ट निरस्त कर दी गई है।
सोमवार को कॉलेजों में दाखिले के लिए अभ्यर्थियों को रिपोर्टिंग शुरू हुई, लेकिन पहले ही दिन एमएस और एमडी के लिए दाखिले रोक दिए गए। दरअसल, मेरिट लिस्‍ट में पीएमएस कोटे के कुछ अभ्यर्थियों को बाहर कर दिया गया था। आपत्ति के बाद काउंसलिंग रोक दी गई और मेरिट लिस्‍ट निरस्त कर नई सूची जारी कर दी गई। अब दाखिला इसी सूची के हिसाब से होगा।
31 जनवरी को घोषित किया गया था परिणाम
NEET पीजी जनवरी में हुआ था और 31 जनवरी को इसका परिणाम घोषित किया गया। अप्रैल में ऑनलाइन काउंसलिंग शुरू हुई, जिसमें अभ्यर्थियों से कॉलेजों की चॉइस मांगी गई। प्रदेश के केजीएमयू पीजीआई समेत प्रदेश के 10 कॉलेजों में 891 सीटें एमडी एमएस व 32 सीटें एमडीएस की हैं, जिनके लिए काउंसलिंग हुई। उसी के मुताबिक उनकी मेरिट लिस्‍ट जारी की गई।
पीजी कोर्सेज में दाखिले की प्रक्रिया सोमवार से शुरू हुई, जो 12 अप्रैल तक चलनी है। अभ्यर्थी जब अपने-अपने अलॉटेड कॉलेज में पहुंचे तो पता चला मेरिट लिस्‍ट ही निरस्त कर दी गई है। दोपहर में डायरेक्टर जनरल मेडिकल एजुकेशन (डीजीएमई) की ओर से दाखिले रोकने का आदेश कर दिया गया।
यह था मामला
पीएमएस के जिन अभ्यर्थियों ने दूसरे प्रदेश से एमबीबीएस किया है लेकिन प्रैक्टिस यूपी में कर रहे हैं, उन्हें दाखिलों में अंक दिया जाना था। NEET मेरिट में तीन साल की प्रैक्टिस पूर कर चुके पीएमएस अभ्यर्थियों को कुल प्राप्तांक का 30 प्रतिशत अंक और दिया जाना था। इसी तरह दो साल की प्रैक्टिस पूरी करने वालों को 20 प्रतिशत अंक और एक साल की प्रैक्टिस पूरी कर चुके अभ्यर्थियों के 10 प्रतिशत अंक दिये जाने थे। इसमें तीन साल वालों को तो अंक दे दिया गया लेकिन दो या एक साल वालों को अंक नहीं दिया गया।
एनआईसी ने मेरिट लिस्‍ट बनाई थी किंतु उसमें कुछ तकनीकी खामियां थीं जिन्‍हें दुरुस्त कर नई मेरिट लिस्‍ट जारी कर दी गई है, उसी के मुताबिक दाखिले लिए जाएंगे। -डॉ के के गुप्ता, डीजीएमई
पिछले साल इसी नियम के तहत दाखिले हुए थे तो इस साल कैसे बदल गए। ये पीएमएस वालों को बाहर करने की साजिश है इसकी जांच होनी चाहिए। -अशोक यादव, अध्यक्ष पीएमएस एसोसिएशन
-एजेंसियां

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