रोशन लाल गुप्त ‘करुणेश’ पर संस्मरण

आगरा। स्वाधीनता संग्राम सेनानी रोशन लाल गुप्त ‘करुणेश’ जी कलम के धनी तो थे ही विचारों के भी धनी थे। देशभक्ति की भावना उनके अंदर कूट-कूट कर भरी हुई थी और अपने देश के विरुद्ध कुछ भी सुनना वह बर्दाश्त नहीं करते थे और राष्ट्र विरोधी बात करने वालों पर बहुत गुस्सा करते थे ।यह विचार आज प्रकट किए विश्वविख्यात होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ आर एस पारीक ने। डॉ पारीक रोशन लाल गुप्त ‘करुणेश’ फेसबुक लाइव पेज पर आज वीडियो के माध्यम से पटल पर उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे ।आपने कहा कि मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा। वह क्रांतिकारी होने के साथ-साथ आयुर्वेद के ज्ञाता भी थे । मेरी इच्छा थी कि मैं उनके संपूर्ण ज्ञान को लिपिबद्ध करके रखूँ,पुस्तक के रूप में लिखूँ,लेकिन दुर्भाग्य से मैं ऐसा नहीं कर पाया।

आपने अपनी विदेश यात्राओं के बारे में अनेक संस्मरण सुनाते हुए कहा कि करुणेश जी से मैं इतना प्रभावित था कि अगर विदेश में भी कोई भारत के विरुद्ध बात करता था तो मुझे भी गुस्सा आने लगता था । एक संस्मरण सुनाते हुए उन्होंने कहा कि लंदन प्रवास के दौरान स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में तत्कालीन राजदूत ने आने से मना कर दिया तो उनको इतना गुस्सा आया कि भारत सरकार को उसकी शिकायत कर दी । बाद में राजदूत महोदय ने उनसे क्षमा मांगी और कार्यक्रम में भाग लिया ।

आपने करुणेश जी को सादगी की मूर्ति व पारदर्शी व्यक्तित्व का स्वामी बताया और कहा कि विस्मृत क्रांतिकारियों के बारे में उन्होंने जितनी जानकारी जनता जनार्दन को दी अपनी लेखन के माध्यम से उतना कोई और नहीं दे पाया ।

आपने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम बहुत उपयोगी हैं, अच्छे हैं और करुणेश परिवार ने जो यह अभियान शुरू किया है उससे लोगों को करुणेश जी व अन्य  स्वाधीनता सेनानियों के बारे में जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलेगा ।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉक्टर सुगम आनंद ,डॉ शशि तिवारी, पंडित केशव तलेगांवकर ,अरुण डंग, अनिल कुलश्रेष्ठ, डॉ शशि गुप्ता, सर्वदमन गुप्ता, डॉ मधु भारद्वाज, के पी सिंह, अखिलेश जैसवाल, अजय कुमार गुप्ता,अरविंद जैसवाल, छैल बिहारी खंडेलवाल, डॉक्टर मधुरिमा शर्मा ,डॉ अशोक अश्रु, राजन अग्रवाल, श्री किशन जैसवाल सहित काफी संख्या में लोगों ने डॉ पारीक का व्याख्यान सुना।आज के कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ रवि अरोरा ने किया।

इस कार्यक्रम का उद्घाटन 29 जून को उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने किया था।  उसके उपरांत पटल पर वयोवृद्ध स्वाधीनता सेनानी रानी सरोज गौरिहार व विख्यात अंतरराष्ट्रीय कथक नृत्यांगना काजल शर्मा भी  उपस्थित हो कर अपने विचार प्रकट कर चुकी हैं ।

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