डोमिनिका की हाईकोर्ट में एफिडेविट दायर कर मेहुल चोकसी बोला, मैंने भारतीय अधिकारियों को पूछताछ के लिए आमंत्रित किया है

नई दिल्‍ली। भगोड़े कारोबारी मेहुल चोकसी के भारत आने में तमाम समस्याएं सामने आ रही हैं। ऐसा लगता है कि अब इसके प्रत्यर्पण में लंबा वक्त भी लग सकता है। डोमिनिका कोर्ट ने मेहुल के मामले में अभी सुनवाई टाल दी है। ऐसे में तमाम इंतजामों के साथ गए भारतीय अधिकारियों को मेहुल चोकसी को लिए बिना लौटना पड़ा है।
अधिकारियों को पूछताछ के लिए आमंत्रित किया
भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी ने कहा है कि उसने डोमिनिका में भारतीय अधिकारियों को खुद से पूछताछ के लिए आमंत्रित किया है। मेहुल चोकसी ने यह दावा किया है कि उसने भारत सिर्फ इलाज कराने के लिए छोड़ा है। मेहुल चोकसी ने दावा किया है कि वह भारत के कानून का सम्मान करता है और उसने अधिकारियों के डर या अपने खिलाफ किसी जांच से डरकर भारत नहीं छोड़ा है। 62 साल के भगोड़े ज्वैलर मेहुल चोकसी ने डोमिनिका की हाईकोर्ट में दायर किए गए एक एफिडेविट में कहा, “मैंने भारतीय अधिकारियों को पूछताछ के लिए आमंत्रित किया है। अगर वे अपनी जांच के सिलसिले में मुझसे कुछ पूछना चाहते हैं तो उनका स्वागत है।”
कानून का सम्मान
मेहुल चोकसी ने कहा कि मैंने भारत में कोई नियम नहीं तोड़ा है। मेरे खिलाफ कोई वारंट जारी नहीं हुआ था। जब मैंने भारत छोड़ा तो मेरा उद्देश्य सिर्फ इलाज कराना था। मेहुल चोकसी ने कहा कि वह अमेरिका में अपना इलाज कराने के लिए भारत से आ रहा था। मेहुल चोकसी ने 8 पेज का साइन किया हुआ यह एफिडेविट डोमिनिका की हाईकोर्ट में दायर किया है।
साल 2018 में छोड़ा था भारत
साल 2018 की जनवरी में मेहुल चौकसी भारत छोड़कर भाग भाग गया था। पीएनबी के 13,500 करोड़ रुपये के घोटाले में नाम आने से कुछ दिन पहले ही चोकसी भारत छोड़कर एंटीगा में सेटल हो गया था। उसके बाद से वह अब तक भारत नहीं लौटा है। भारत में सीबीआई, ईडी और अन्य जांच एजेंसियां मेहुल चोकसी के खिलाफ अपराधिक षड्यंत्र, और आपराधिक साजिश, चीटिंग, बेईमानी, भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच कर रहे हैं।
देश छोड़ने का इरादा नहीं
3 जून को डोमिनिका की कोर्ट में फाइल इस एफिडेविट में मेहुल चौकसी ने कहा है कि उसका भारत से भागने का कोई इरादा नहीं था। मेहुल चोकसी ने कहा है कि उसके खिलाफ रेड कॉर्नर इंटरपोल नोटिस कोई इंटरनेशनल वारंट नहीं है, सिर्फ उसके सरेंडर करने के लिए कहे जाने की सूचना है। भारत में किए गए आपराधिक षड्यंत्र पर एंटीगा की अदालत में मेहुल चोकसी के खिलाफ मुकदमा चल रहा है।
कोर्ट की सुनवाई से भागने का इरादा नहीं
मेहुल चोकसी ने कहा है कि उसका डोमिनिका की कोर्ट की सुनवाई से भागने का भी कोई इरादा नहीं है। उसके खिलाफ रेड नोटिस जारी होने की वजह से उसके फ्लाइट में चढ़ने में भी कोई दिक्कत नहीं है। मेहुल चोकसी ने कहा है कि रेड नोटिस इंटरनेशनल अरेस्ट वारंट नहीं है। यह भारत की तरफ से इंटरपोल को मेहुल चोकसी को लोकेट करने के लिए किया गया एक रिक्वेस्ट है। इसके जरिए भारत सरकार उसे सरेंडर कराना चाहती है। एंटीगा और बारबुडा में इससे संबंधित जरूरी प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। मेहुल चौकसी ने कोर्ट को कहा है कि वह कोर्ट की इजाजत के बिना कहीं भी यात्रा नहीं करने की बात स्वीकार कर रहा है।
-एजेंसियां

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