ट्रेन से जुड़ी हर जानकारी देने को रेल विभाग जून में ला रहा है मेगा ऐप

Mega App Launched In June To Deliver Every Information On The Train
ट्रेन से जुड़ी हर जानकारी देने को रेल विभाग जून में ला रहा है मेगा ऐप

नई दिल्‍ली। रेल विभाग जून से एक मेगा ऐप ला रहा है, जिसका नाम हिंदरेल (HindRail) रखा जा सकता है। इसमें रेलवे के ज्यादातर मौजूदा ऐप शामिल होंगे। इस एप के आने पर ट्रेन से जुड़ी सारी जानकारी अब आपको सिर्फ एक ऐप के जरिए मिलेगी। मेगा ऐप से हर साल 100 करोड़ रुपए का बिजनेस होने की उम्मीद है।
न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक रेलवे एक नया ऐप डेवलप कर रहा है जो पूरे इन्क्वायरी सिस्टम को कवर करेगा। इसके जरिए ट्रेनों से जुड़ी सारी सटीक जानकारी घर बैठे मिल जाएगी। इसके लिए स्टेशन पर सूचना बोर्ड या इन्क्वायरी काउंटर पर जाने की जरूरत नहीं होगी।
मेगा ऐप से न केवल इन्फॉर्मेशन मिलेगी, बल्कि इसके जरिए ट्रेन को ट्रैक भी किया जा सकेगा। अभी रेलवे कई ऐप ऑपरेट कर रहा है जिनसे अलग-अलग तरह की सर्विसेज प्रोवाइड कराई जा रही हैं। इनमें कम्प्लेंट मैनेजमेंट सिस्टम के लिए CMS ऐप भी शामिल है।
मेगा ऐप का नाम हिंदरेल रखे जाने के आसार ज्यादा हैं। वैसे इसके लिए रेलवे को मेरीरेल (MeriRail), ईरेल (ERail), माईरेल (MyRail) और रेल अनुभूति (Rail Anubhuti) जैसे नाम भी सुझाए गए हैं।
मेगा ऐप में क्या-क्या?
ट्रेनों के आने और स्टेशन से उनके छूटने की इन्फॉर्मेशन, ट्रेनों की देरी, उनके रद्द किए जाने की स्थिति, प्लेटफॉर्म नंबर, ट्रेन का रनिंग स्टेटस और बर्थ अवलेबिलिटी की जानकारी मिल सकेगी।
इसके अलावा मेगा ऐप में टैक्सी बुकिंग का ऑफर भी होगा। कुली (porter) की सर्विस, रिटायरिंग रूम, होटल, टूर पैकेज, ई-कैटरिंग और ट्रैवेल से जुड़ी बाकी जानकारियां भी मिलेंगी।
रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल पर बेस्ड होगा ऐप
रेलवे की ये सारी सर्विसेज एक रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल पर बेस्ड होंगी, जिन्हें वह सर्विस प्रोवाइडर्स के साथ मिलकर अवलेबल कराएगा।
मेगा ऐप पब्लिक ट्रांसपोर्टर को एक रेवेन्यू अर्निंग प्लेटफॉर्म मुहैया कराएगा। इसके जरिए हर साल 100 करोड़ रुपए का बिजनेस होने की उम्मीद है।
रेलवे क्यों ला रहा है मेगा ऐप?
रेलवे को अक्सर भारी तादाद में पैसेंजर्स की शिकायतें मिलती हैं। इनमें ज्यादातर शिकायतें ट्रेन रनिंग स्टेटस, खासकर उनके देर से आने की होती हैं। पैसेंजर्स की यह भी कहना है कि जो सूचनाएं मिलती हैं, उन पर भरोसा नहीं किया जा सकता।
रेलवे बोर्ड मेंबर (ट्रैफिक) मोहम्मद जमशेद कहते हैं कि ट्रेनों की देरी को लेकर सटीक जानकारियां देने में दिक्कतें हैं, लेकिन मेगा ऐप से ये सारी प्रॉब्लम्स दूर हो जाएंगी।
-एजेंसी

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