GSTN में तकनीक खामियों को दूर करने के लिए हर पखवाड़े बैठक करेगा मंत्री समूह

नई दिल्ली। जीएसटी कर के पोर्टल GSTN में चिन्हित दो दर्जन से अधिक तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए मंत्रियों का उच्च स्तरीय समूह हर पखवाड़े बैठक करेगा।

मंत्री समूह के प्रमुख व बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस बारे में 25 से अधिक तकनीकी दिक्कतों को चिन्हित किया गया है जिनमें से ज्यादातर भुगतान व पंजीकरण से जुड़ी हैं।

इनके चलते ही GSTN का पोर्टल पहले ही महीने में कम से कम दो बार ठप हो गया।

मंत्री समूह की पहली बैठक कल बेंगलुरू में हुई।

सुशील मोदी ने कहा कि समूह के सदस्यों ने इस पोर्टल के लिए आईटी सहयोग मुहैया करवा रही इन्फोसिस के कार्यकारियों से विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि जीएसटीएन में आने वाले 7-10 दिन में काफी बदलाव देखने को मिलेगा।

उन्होंने कहा,‘ 25 से अधिक मुद्दों को चिन्हित किया गया है जिनके समाधान की जरूरत है और प्रत्येक के लिए एक समयसीमा तय की गई है।

कुल मिलाकर हम जीएसटीएन के प्रदर्शन से संतुष्ट हैं और इन्फोसिस इसे त्रुटिविहीन बनाने के लिए हरसंभव कोशिश कर रही है।’

 

जीएसटीएन में खामियों को दूर करने के लिए बनाए गए पैनल ने जीएसटी नेटवर्क(जीएसटीएन) में आ रही दिक्कतों को दूर करने की समयसीमा निर्धारित कर ली है। बिहार के उपमुख्यमंत्री के साथ-साथ वित्त मंत्री की भी जिम्मेदारी संभाल रहे सुशील मोदी के नेतृत्व में इस पैनल की बैठक शनिवार को बेंगलुरु में हुई। बैठक में जीएसटी नेटवर्क में आ रही 20-25 मुख्य खामियों को अक्टूबर के अंत तक दूर कर लेने की समयसीमा निर्धारित की गई है।

इन्फोसिस इन कमियों को दूर करने के लिए हर राज्य में टेक्निकल टीम की नियुक्ति करेगा। बैठक में राजस्व सचिव हसमुख अधिया, जीएसटीएन के अंतरिम चेयरमैन अजयभूषण पांडेय और जीएसटीएन के सीईओ प्रकाश कुमार और इन्फोसिस के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। पैनल खामियों को दूर करने के लिए हर 15 दिन में बैठक करेगा।

सरकार का कहना है कि सिस्टम में ओवरलोड के कारण जीएसटीएन नेटवर्क में परेशानी आ रही है। पिछले सप्ताह हैदराबाद में हुए जीएसटी काउंसिल की बैठक में राज्यों के वित्त मंत्रियों ने जीएसटीएन में आ रही दिक्कतों के बारे में शिकायत की थी। जीएसटीएन में आ रही शिकायतों के बारे में राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने कहा, ‘किसी भी नए काम की शुरुआत में हमेशा कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लेकिन अभी तक जीएसटीन में कोई बड़ी दिक्कत नहीं आई है।’

जीएसटी पैनल का नेतृत्व कर रहे सुशील मोदी ने व्यापारियों से रिटर्न फाइल करने के लिए अंतिम दिन का इंतजार नहीं करने को कहा है। अंतिम दिन में रिटर्न फाइल करने वाले लोगों की संख्या ज्यादा होने पर सिस्टम के ओवरलोड होने का खतरा रहता है। जीएसटीएन केंद्र, राज्यों और टैक्सपेयर्स आदि के लिए आईटी जरूरी इन्फ्रास्ट्रकचर और सर्विस प्रदान करती है।

उल्लेखनीय है कि जीएसटी परिषद द्वारा तकनीकी दिक्कतों को दूर किए जाने के फैसले के बाद पांच सदस्यीय मंत्री समूह का गठन किया गया। GSTN  पर समूह की पहली बैठक शनिवार को ​बेंगलुरू में हुई।

-एजेंसी