मेरठ: ज्यादा बिल वसूलने वाले 3 अस्पतालों के लाइसेंस सस्पेंड, 2 को लौटाने पड़े पैसे

मेरठ। उत्तर प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर आने के बाद कालाबाजार‍ियों की भांत‍ि कोविड अस्‍पतालों ने भी कोरोना ट्रीटमेंट के नाम पर भारी भरकम बि‍ल और साथ ही पर‍िजनों से बदसलूकी की, श‍िकायतें म‍िलने पर अब प्रदेश सरकार ने ऐसे अस्‍पतालों पर कार्यवाही करते हुए 3 अस्‍पतालों के लाइसेंस रद्द कर द‍िए वहीं 2 अस्‍पतालों को वसूला गया धन लौटाना पड़ा।

डीएम के. बालाजी ने बताया कि मेरठ में कोविड अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीजों से तय दर से अधिक रकम लेने का मुद्दा शासन तक पहुंचा था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले के कोविड अस्पतालों की जांच कराने के निर्देश दिए थे।

जिले में कोरोना मरीजों से ज्यादा बिल की वसूली की 49 शिकायतें प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में दर्ज की गई थीं, जांच में 18 शिकायतें सही पाई गईं। इनमें दो अस्पतालों से चार लाख रुपये वापस कराए गए और तीन बड़े अस्पतालों के खिलाफ जांच जारी है।

जांच अधिकारियों की रिपोर्ट पर तीन अस्पतालों के लाइसेंस सस्पेंड करने के निर्देश दिए गए हैं। पल्लवपुरम और हापुड़ अड्डा चौराहा के दो अस्पतालों के लाइसेंस को माफीनामा और मरीजों के साथ सही व्यवहार किए जाने के पत्र के बाद सशर्त बहाल किया गया है।

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में सैकड़ों लोगों की जान चली गई। शासन के आदेश पर अब ज्यादा वसूली करने वाले अस्पतालों और नर्सिंग होम पर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सख्त हो गया है। डीएम के. बालाजी ने बताया कि मेरठ में कोविड अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीजों से तय दर से अधिक रकम लेने का मुद्दा शासन तक पहुंचा था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले के कोविड अस्पतालों की जांच कराने के निर्देश दिए थे।

डीएम ने बताया कि शासन ने कोविड अस्पतालों के लिए इलाज को लेकर निश्चित दर तय कर रखी है। इसके मुताबिक आइसोलेशन में भर्ती मरीजों से 4800, आईसीयू के 7800 और आईसीयू वेंटिलेंटर के 9 हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से तय किए थे। इसके अलावा मरीजों और तीमारदारों को किसी प्रकार का अन्य शुल्क नहीं देना था। डीएम ने बताया कि तय फीस के बावजूद प्रशासन के पास लगातार शिकायतें पहुंच रही थीं कि कई निजी अस्पतालों में मरीजों के परिजनों से मनमानी कीमत वसूल की गई है। इन दरों से ज्यादा पैसा लेना कानूनी जुर्म है।
-एजेंसी

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