MCI ने KD मेडिकल कॉलेज के 30 प्राध्यापकों को किया प्रशिक्षित

मथुरा। नए सत्र से MBBS के छात्र-छात्राओं को बदले प्रारूप में पठन-पाठन का मौका मिलेगा। MCI (मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया) ने 21 साल बाद एम.बी.बी.एस. के पाठ्यक्रम में आमूल-चूल परविर्तन किए हैं। इस परिवर्तन से मेडिकल प्राध्यापकों को अवगत कराने के लिए MCI (मेडिकल कौंसिल आफ इंडिया) द्वारा KD मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर में चार दिवसीय रिवाइज्ड बेसिक कोर्स वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस वर्कशॉप में एमसीआई के आब्जर्वर श्रीनिवास एम. ने KD मेडिकल कॉलेज के 30 प्राध्यापकों को नए पाठ्यक्रम से रू-ब-रू कराते हुए उन्हें प्रशिक्षित किया।

गौरतलब है कि मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया, मेडिकल शिक्षा में सुधार को लेकर लम्बे समय से फिक्रमंद थी। लम्बे इंतजार के बाद आखिरकार मेडिकल पाठ्यक्रम में बदलाव कर दिए गए हैं। बदले प्रारूप में मेडिकल स्टूडेंट्स को पहले ही दिन से मरीज देखने की प्रैक्टिस (क्लीनिकल) कराई जाएगी। अभी तक इसके लिए मेडिकल छात्रों को ढाई वर्ष का इंतजार करना पड़ता था। इस नए बदलाव से ऐसे चिकित्सक तैयार किए जाएंगे, जो विशेषज्ञ तो होंगे ही साथ ही उन्हें हर विषय की गहन जानकारी भी होगी।

KD मेडिकल कॉलेज के मेडिकल एजुकेशन यूनिट के कोऑर्डिनेटर डा. मोहम्मद इमरान का कहना है कि चार दिवसीय कार्यशाला में मेडिकल प्राध्यापकों को नए पाठ्यक्रम से अवगत कराने के साथ ही उन्हें संवेदनशील इंसान होने के गुण भी बताए गए। इतना ही नहीं कार्यशाला में एमसीआई के आब्जर्वर डा. श्रीनिवास एम. ने बीमारी की डायग्नोसिस करने के तरीके बताने के साथ ही हाल के दिनों में हुए शोध व मेडिकल से जुड़ी नई तकनीक की जानकारी भी दी। डा. श्रीनिवास एम. का कहना है कि नए पाठ्यक्रम के अनुरूप प्राध्यापकों को प्रशिक्षण इसलिए दिया जा रहा है ताकि वे नए पाठ्यक्रम को पढ़ाने के लिए तैयार   हो सकें।

KD मेडिकल कॉलेज की डीन डा. मंजू नवानी का कहना है कि 1997 से एमबीबीएस के पाठ्यक्रम में बदलाव नहीं हुआ था जबकि इस बीच चिकित्सा क्षेत्र में कई बड़े बदलाव हो चुके हैं तथा नई तकनीक भी आ चुकी है। डा. नवानी ने बताया कि KD मेडिकल कॉलेज में हुई वर्कशॉप काफी उपयोगी रही। इस वर्कशॉप में प्रशिक्षण हासिल करने वाले मेडिकल प्राध्यापकों का कहना है कि नए पाठ्यक्रम में प्रायोगिक ज्ञान को बढ़ावा देने पर ज्यादा बल दिया गया है। इस वर्कशॉप में मरीज व उनके परिजनों से चिकित्सक कैसे पेश आएं, इसका भी ज्ञान दिया गया। वर्कशॉप में बेस्ट क्लीनीशियन, लीडरशिप, प्रोफेशनल और बेस्ट कम्युनिकेटर बनने के गुर भी बताए गए। KD मेडिकल कॉलेज के निदेशक डा. अशोक कुमार धनविजय ने वर्कशॉप को बहुत ही उपयोगी बताया।

 

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