ऐन वक्‍त पर मायावती ने कुचल दिए RLD के अरमान

लखनऊ। आगामी लोकसभा चुनाव के लिए गठबंधन का हिस्‍सा बनने को तत्‍पर RLD के अरमानों पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने तब पानी फेर दिया जब दिल्‍ली में मायावती और अखिलेश यादव की मीटिंग हुई।
सूत्रों के मुताबिक मायावती किसी भी कीमत पर RLD को 2 सीटों से ज्यादा देने के लिए राजी नहीं थी। अब जब, एसपी-बीएसपी ने अन्य संभावित दलों के लिए सिर्फ 2 सीटें छोड़ी हैं तो RLD के लिए कुछ बचा ही नहीं है। एसे में RLD के लिए कांग्रेस से हाथ मिलाने का एकमात्र विकल्‍प रह जाता है।
पहले भी साथ लड़ चुके हैं कांग्रेस-RLD
कांग्रेस और आरएलडी यूपी में पहले भी गठबंधन करके चुनाव लड़ चुकी हैं। अभी वह राजस्थान में कांग्रेस सरकार का हिस्सा भी है लिहाजा दोनों को फिर साथ आने में कोई समस्या नहीं है। आरएलडी का जो भी प्रभाव है, वह पश्चिमी यूपी तक ही सीमित है। पिछले लोकसभा चुनाव में तो पार्टी खाता तक नहीं खोल पाई थी। हालांकि, बाद में कैराना में हुए उपचुनाव में एसपी और बीएसपी के समर्थन से आरएलडी उम्मीदवार की जीत हुई।
बताया जाता है कि आरएलडी सपा-बसपा के साथ गठबंधन का हिस्सा बनना चाहती थी और एसपी भी ऐसा ही चाहती थी लेकिन असल पेच सींटों को लेकर फंसा।
दिल्ली में अखिलेश यादव और मायावती की मुलाकात के बाद राष्ट्रीय लोकदल के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने लखनऊ में एसपी अध्यक्ष से मुलाकात की थी। इस मुलाकात में जयंत चौधरी ने पश्चिमी यूपी की 5 लोकसभा सीटों पर दावा पेश किया था। इनमें बागपत, अमरोहा, हाथरस, मुजफ्फरनगर और मथुरा लोकसभा सीटें थीं। आरएलडी की मांग पर मायावती किसी सूरत में सहमत नहीं थीं इसलिए अखिलेश के चाहने पर भी बात नहीं बनी। इस तरह इस गठबंधन में अजित सिंह के राष्ट्रीय लोकदल को शामिल होने की गुंजाइश करीब-करीब खत्म हो गई है।
-एजेंसियां

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »