बड़ा खतरा साबित हो सकती हैं मौसमी बीमारियां

केस-1: 29 अगस्त को राजस्थान की भाजपा विधायक कीर्ति कुमारी की मौत हो गई। बाद में पता चला कि उन्हें स्वाइन फ्लू हुआ था। सर्दी-जुकाम और बुखार को उन्होंने सामान्य समझा लेकिन बाद में वो घाटक स्वाइन फ्लू निकला। डॉक्टरों का भी कहना है कि कीर्ति कुमार ने स्वाइन फ्लू के लक्षणों को नजरंदाज किया।
केस-2: हाल ही में 24 वर्षीय महिला को दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया। महिला को चिकनगुनिया था लेकिन बीमारी के जो लक्षण इस मरीज में नजर आए, वैसे डॉक्टरों ने पहले नहीं देखे। महिला के चेहरे और शरीर पर अजीब दाग थे और उसकी किडनी खराब होने लगी थी।
ये दोनों मामले बताते हैं कि बीमारियों के इस सीजन में हमें किसी भी बात को हल्के में नहीं लेना चाहिए। बात स्वाइन फ्लू की हो, चिकनगुनिया की, डेंगू या किसी अन्य तरह के फ्लू की, थोड़ी-सी परेशानी पर हमें तुरंत एक्सपर्ट के पास जाना चाहिए।
बीमारी की आशंका है तो क्या करें – यदि आपको इनमें से किसी भी बीमारी की आशंका है तो तुरंत इलाज तो करवाएं ही, कुछ जरूरी बातों का भी ध्यान रखें। मसलन- ठोस आहार के बजाए तरल पदार्थों की मात्रा बढ़ाएं। पूरी तरह स्वस्थ्य होने तक घर में ही रहने की कोशिश करें। ज्यादा से ज्यादा आराम करें। इससे इम्यून सिस्टम मजबूत होगा यानी बीमारी से लड़ने की क्षमता पैदा होगी।
डेंगू से यूं बचें – डेंगू के मच्छर दिन में काटते हैं, लेकिन रात के समय भी इनका डंका घातक हो सकता है। इसलिए डॉक्टर सलाह दे रहे हैं कि लोग रात के समय कम से कम रोशनी में सोएं।
इस बार की घातक बीमारियां
(अगस्त 2017 तक के आंकड़े)
– स्वाइन फ्लू – 1094 लोगों की मौत देशभर में
– डेंगू – 36,635 मरीज सामने आए, 58 की मौत
= चिकनगुनिया – अकेले राजधानी दिल्ली में 400 से ज्यादा मामले सामने आए
-एजेंसी