डीएनए टेस्ट के बाद की जा रही जापानी युगलों की Matchmaking

टोक्‍यो। जापान की Matchmaking कंपनी नोज्जे ने जापानी युगलों के लिए अनोखी सुविधा शुरू की है, जिसमें पेशा, सैलरी या शक्ल-सूरत नहीं बल्कि डीएनए के आधार पर युगलों की Matchmaking की जाती है। यह सेवा पहली बार जापान में शुरू की गई है। इसमें स्त्री और पुरुष के लार से लिए गए डीएनए की जांच कर मैचमेकिंग की जाती है। डीएनए टेस्ट करने वाली शिनागावा लैब का मानना है कि लोगों के लार में 16 हजार वेरिएशन के एचएलए जीन कॉम्प्लेक्स पाए जाते हैं, जिनका सीधा असर इंसानों के बीच कथित आकर्षण पर होता है। लैब के मुताबिक दो शख्स के एचएलए में जितना ज्यादा अंतर होगा, उतना ही ज्यादा वे एक-दूसरे को पसंद करेंगे और उनके साथ निभाने की संभावना भी ज्यादा होगी।
Matchmaking कंपनी नोज्जे का कहना है कि जो लोग अंतर्मुखी हैं और पारंपरिक रूप से से लोगों से मिलने में संकोच महसूस करते हैं या फिर ऑनलाइन मिलते हुए तंग आ चुके हैं, उनके लिए यह बेहतर विकल्प है। एक अच्छा जीवन साथी पाने के लिए यह बेहतर तरीका इसलिए है क्योंकि इसमें मैचिंग भाग्य नहीं बल्कि बायोलॉजी के आधार पर की जाती है।

मैचमेकिंग की इस सेवा को जापान के लोग और खासकर युवा काफी पसंद कर रहे हैं। हर महीने करीब 200 युवा इसकी सेवाएं ले रहे हैं। करीब 25 साल से जोड़े मिला रही कंपनी ने हाल ही में टोक्यो के करीब गिंजा में पहली मैचमैकिंग पार्टी रखी थी। वहां पर 26 लोगों को जीवन साथी मिल गए। यहां मिलाए गए जोड़ों की समानता की औसत रेटिंग 80% रही।

नोज्जे की इस सेवा से जुड़ने की फीस 21 हजार रुपए है। डीएनए मैचिंग के लिए 34 हजार रुपए अलग से देने पड़ते हैं। नोज्जे डीएनए टेस्टिंग के लिए शिनागावा लैब को भेजती है। टेस्टिंग के बाद लैब युगल की समानता को अंकों के रूप में रेटिंग देती है। अगर युगल का एचएलए जीन कॉम्प्लेक्स जरा भी नहीं मिलता तो उन्हें 100% रेटिंग दी जाती है।
-एजेंसी

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