मास्टरकार्ड के चेयरमैन ने की नोटबंदी और आधार की सराहना

न्यू यॉर्क। मास्टरकार्ड के चेयरमैन एवं सीईओ अजय बंगा ने मंगलवार को भारत के नोटबंदी और आधार जैसे सुधार कार्यक्रमों की जमकर सराहना की। हालांकि इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इन कार्यक्रमों को अधिक बेहतर तरीके से क्रियान्वित किया जा सकता था। बंगा ने कहा कि वह समावेशन को उत्पादकता का लोकतांत्रीकरण करने के रूप में देखते हैं।
इस तरह की उत्पादकता बढ़ाने के लिए अर्थव्यवस्था में चीजों को दुरुस्त करने की जरूरत है। नोटबंदी और जीएसटी जैसे महत्वाकांक्षी सुधारों के जरिए इनमें मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि बेशक लोगों को नोटबंदी और जीएसटी से जो परेशानी हुई है, वे उसे पसंद नहीं करेंगे, पर ये सही कदम थे। बंगा ने कहा कि आप इन्हें करने के बेहतर तरीकों के बारे में सोच सकते हैं। मैं इससे सहमत हूं। बेशक जीएसटी, नोटबंदी या लोगों को औपचारिक अर्थव्यवस्था में लाने या कुशल बनाने की बात हो, चीजों को अधिक बेहतर तरीके से लागू किया जा सकता है।
भारत में जन्मे अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनी के प्रमुख ने यहां भारतीय वाणिज्य दूतावास में महावाणिज्य दूत संदीप चक्रवर्ती की अगुवाई में आयोजित व्याख्यान में कहा कि क्या जीएसटी बेहतर तरीके से काम कर सकता था? निश्चित रूप से। लेकिन कम से कम कुछ किया गया है, जो सिर्फ बात करते रहने से बेहतर है। उन्होंने आधार को एक बेहतरीन विचार बताते हुए कहा कि इसने लोगों को पहचान दी है। बंगा ने कहा कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में तेजी के लिए भारत को उत्पादकता पर ध्यान केंद्रित करना होगा।
भारत सिर्फ विनिर्माण के बूते हर महीने 10 लाख नौकरियों का सृजन नहीं कर सकता है, जैसा कि वह सोच रहा है। उन्होंने कहा कि आज विनिर्माण की रेल को पकड़ना मुश्किल हो गया है क्योंकि दुनिया भर में आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है। व्यापार अड़चनों की वजह से आपूर्ति श्रृंखला में और दिक्कतें आएंगी।
-एजेंसी

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