Meerut में फिजा बिगाड़ने को सड़कों पर उतरे थे नकाबपोश बलवाई, साजिशन लगाई आग

मेरठ। बवालियों की साजिश Meerut शहर में दंगा कराने की थी, उन्होंने दिल्ली रोड पर जमकर अराजकता फैलाई। धार्मिक स्थल को फूंककर माहौल खराब कराने की पूरी कोशिश की गई। हालांकि पुलिस-प्रशासन के बेहतर मैनेजमेंट ने शहर को जलने से बचा लिया। पुलिस को टेंशन थी कि मामला सांप्रदायिक न बन जाए। इसको देखते पुलिस ने भूसा मंडी और मछेरान को चारो तरफ से घेर लिया। किसी भी बाहरी आदमी को भूसा मंडी या मछेरान में नहीं घुसने दिया।
भूसा मंडी व मछेरान मुस्लिम आबादी वाला इलाका है। तोड़फोड़ व आगजनी होते ही पुलिस ने भूसा मंडी के चारों तरफ पहरा लगा दिया। जली कोठी पर पुलिस लगाई, ताकि कोई भी भूसा मंडी की तरफ न पहुंचे। उधर सीएबी इंटर कॉलेज के चौराहे पर लोगों को रोका गया। भूसा मंडी चौकी के सामने आर्मी ने गेट बंद कर दिया। ताकि कोई भीड़ अंदर न घुसे। लोग केवल पुलिस पर आरोप लगाते रहे।

डीएम अनिल ढींगरा और एसएसपी नितिन तिवारी ने भूसा मंडी व मछेरान का मुआयना किया। लोगों से बातचीत की। लोगों से अपील की कि शांति व्यवस्था बनाकर रखें। दूसरे लोग माहौल को गर्माने की कोशिश कर रहे हैं। शहर आपका है, इसको बचाने की जिम्मेदारी भी आप लोगों की है। किसी के बहकावे में आकर कानून को हाथ में मत लो।

आग बुझाने में मदद करो

डीएम और एसएसपी के पास कई नेता और जिम्मेदार लोग पहुंचे। वह वहां के हालातों के बारे में और पुलिस की कमियां गिनवा रहे थे। तभी दोनों अधिकारियों ने कहा कि आप और हम यहीं रहेंगे। पहले आग को बुझा लें, फिर इस पर बात कर लेंगे।

इस दौरान एक सीओ ने एक जनप्रतिनिधि को भी आग बुझाने जाने की बात कह दी। इस पर जनप्रतिनिधि ने नाराजगी जता दी। बाद में डीएम और एसएसपी ने हस्तक्षेप कर पुलिस अधिकारियों से संयम बरतने को कहा।

भूसा मंडी व मछेरान में तोड़फोड़, आगजनी, लूटपाट करने वालों ने बुधवार शाम शहर की फिजा खराब करने के प्रयास में कोई कसर नहीं छोड़ी। पेट्रोल की बोतलें फेंककर बवाली भीड़ को भड़का रहे थे।

धार्मिक स्थल को फूंककर दंगा कराने की साजिश थी जिसमें झुग्गी झोपड़ियों को टारगेट बनाया गया। पुलिस व कैंट बोर्ड के अधिकारी तमाशा देखते रहे और बवाली अराजकता फैलाते रहे।

धार्मिक स्थल सहित करीब 200 झुग्गी झोपड़ियां जलने पर महिलाओं और बच्चों की चारों तरफ चीख पुकार मच रही थी। छोटे बच्चे बिलखते हुए घरों से बाहर भाग रहे थे।

इसी दौरान बवाली इस आग में घी फेंकने का काम करने लगे थे। करीब 20 बवालियों ने बोतलों में पेट्रोल भरा हुआ था। वह कभी आग में तो कभी किसी के मकान में ये बोतलें फेंक रहे थे।

बवाल में शामिल लोग अपनी पहचान छुपाने के लिए चेहरे पर रुमाल बांधे हुए थे। हाथों में पत्थर और डंडे लेकर वे सड़कों से गुजरने वाले यात्रियों और बेकसूर लोगों को अपना शिकार बना रहे थे।

-एजेंसी

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