रूस के साथ टकराव के बाद यूक्रेन में Martial Law लागू

कीव। यूक्रेन की संसद ने सीमावर्ती क्षेत्रों में Martial Law लगाने को मंजूरी दे दी है। रूस और यूक्रेन के ताजा टकराव ने वैश्विक ताकतों के बीच एक बार फिर तनाव पैदा कर दिया है। अमेरिका और यूरोपीय संघ ने रूस पर दबाव बढ़ाया है।
उधर, रूस के सरकारी टेलीविजन चैनलों पर समुद्र में टकराव को लेकर मॉस्को के कीव के तीन जहाजों को जब्त कर लेने के बाद बंधक बनाए गए यूक्रेनी नाविकों की तस्वीरें प्रसारित की गईं। इस मामले में गहन चर्चा के बाद 276 सांसदों ने 30 दिन के लिये सीमावर्ती क्षेत्रों में Martial Law लगाने के राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको के प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया।
बता दें कि यह फैसला तब किया गया जब रूसी बलों ने रविवार को कीव के तीन जहाजों को जब्त कर लिया। रूस ने आरोप लगाया कि अजोव सागर में क्रीमिया के तट के पास जहाज अवैध तरीके से रूसी जल क्षेत्र में प्रवेश कर रहे थे। यूक्रेन और उसके पश्चिमी सहयोगियों का कहना है कि रूस ने अवैध तरीके से जलसंधि को अवरुद्ध किया और जहाज और नाविकों को बंधक बनाकर अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन किया है।
Martial Law यूक्रेन के अधिकारियों को सैन्य अनुभव वाले नागरिकों को लामबंद करने, मीडिया का नियमन करने और जनसभाओं को सीमित करने की शक्ति देता है। पोरोशेंको समूचे देश में मार्शल लॉ लगाना चाहते थे लेकिन विपक्षी सांसदों के विरोध की वजह से इसे सीमावर्ती क्षेत्रों तक ही सीमित रखा गया। मतदान से पहले पोरोशेंको ने मॉस्को पर ‘नये चरण का आक्रामक बर्ताव’ करने का आरोप लगाया।
यूक्रेनी सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है और बंधक बनाए गए नाविकों की कई तस्वीरें रूस के सरकारी चैनल रोसिया 24 पर प्रसारित की गईं, जिसमें मॉस्को की सुरक्षा सेवा के अधिकारी उनसे पूछताछ कर रहे हैं। एक समय में नाविकों में से एक को यह कहते सुना जा रहा है कि ‘कर्च जलडमरू मध्य में यूक्रेन के सशस्त्र जहाजों की कार्यवाही उकसाने वाली प्रकृति की है।’ इस घटना से सैन्य गतिविधियां बढ़ने का डर पैदा हो गया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक आपात बैठक बुलाई गई जिसमें अमेरिकी राजदूत निक्की हेली ने रूस को गैर कानूनी कार्यवाही के लिये चेतावनी दी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने भी घटना का आकलन किया। ट्रंप ने वाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, ‘जो कुछ भी हो रहा है हम उसे पसंद नहीं करते हैं और उम्मीद है कि सब-कुछ ठीक हो जाएगा। मुझे मालूम है कि यूरोप को भी अच्छा नहीं लग रहा है। वे भी इस पर काम कर रहे हैं। हम भी इस पर साथ मिलकर काम कर रहे हैं।’ यह टकराव रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष में ताजा खतरनाक घटनाक्रम है।
अमेरिका और यूरोपीय संघ ने पहले ही संघर्ष को लेकर रूस पर प्रतिबंध लगाए हैं और यूरोपीय राजधानियों ने सोमवार को कीव के प्रति समर्थन जताया। यूक्रेन के विदेश मंत्री पावलो क्लिकिन ने कीव में संवाददाताओं से कहा, ‘यह रूसी संघ की ओर से यूक्रेन के खिलाफ हमले का सुनियोजित कृत्य है।’ पोरोशेंको ने रूस पर लंबे समय से दोनों के बीच चल रहे संघर्ष को दूसरे स्तर पर ले जाने का आरोप लगाया है।
-एजेंसियां

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