आर्मी के खिलाफ Kashmiri अलगाववादियों का मार्च विफल

Kashmiri अलगाववादी मीरवाइज और यासीन मलिक नजरबंद

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा और श्रीनगर के कुछ हिस्सों में सोमवार को अधिकारियों के पाबंदियां लगा देने के बाद सेना के चिनार कोर मुख्यालय तक होने वाला Kashmiri अलगाववादियों का विरोध मार्च विफल हो गया। पुलिस ने मीरवाइज उमर फारुक और मोहम्मद यासीन मलिक को हिरासत में लेकर नजरबंद कर दिया है।

यह विरोध मार्च एक मुठभेड़ में सात नागरिकों के मारे जाने के खिलाफ था। अधिकारियों ने बताया कि शहर में दुकानें, पेट्रोल पंप और अन्य कारोबारी प्रतिष्ठान बंद रहे जबकि सुरक्षाकर्मियों ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए यहां संवेदनशील स्थानों पर गश्त की।

सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारुक और मोहम्मद यासीन की प्रतिभागिता वाले संयुक्त प्रतिरोध नेतृत्व (जेआरएल) के बैनर तले अलगाववादियों ने शनिवार को लोगों से जम्मू-कश्मीर के बादामी बाग इलाके स्थित चिनार कॉर्प्स मुख्यालय तक मार्च करने को कहा था।

शनिवार को दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में एक मुठभेड़ स्थल पर जमा भीड़ पर सुरक्षा बलों ने कथित तौर पर गोली चला दी थी जिसमें सात आम लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हो गए थे। इसी के खिलाफ यह विरोध मार्च बुलाया गया था। इस मुठभेड़ में तीन आतंकवादी मारे गए थे और एक सैनिक शहीद हो गया था।

घटना के बाद अलगाववादियों ने तीन दिन की हड़ताल का आह्वान भी किया। अधिकारियों ने बताया कि चिनार कार्प्स मुख्यालय तक जाने वाली सड़कों को सील कर दिया गया और पुलवामा जिले तथा श्रीनगर के आठ थाना क्षेत्रों में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत प्रतिबंध लगा दिए गए।

उन्होंने बताया कि एहतियाती तौर पर रात में श्रीनगर में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गईं। अधिकारियों ने बताया कि खान्यार, रैनावारी, नौहट्टा, सफाकदल, एमआर गंज और राम मुंशीबाग पुलिस थानाक्षेत्र के तहत आने वाले इलाकों में पाबंदियां लगा दी गईं।

-एजेंसी

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