मराठा आंदोलनकारियों ने किया मुंबई के Azad Maidan में ‘जेल भरो’ प्रदर्शन

मुंबई। Maratha कार्यकर्ताओं ने नौकरियों और शिक्षा में तुरंत आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर Azad Maidan में ‘जेल भरो’ प्रदर्शन किया। मराठा क्रांति मोर्चा के नेतृत्व में आरक्षण समर्थक समूहों ने दक्षिण मुंबई के Azad Maidan में ‘जेल भरो’ प्रदर्शन आयोजित किया जबकि राज्य के कुछ हिस्सों में स्थानीय समूहों ने भी ऐसे ही विरोध प्रदर्शन किए।

एक अधिकारी ने यहां बताया कि मराठा समुदाय के आज के Azad Maidan प्रदर्शन से शहर में रेल और सड़क यातायात प्रभावित नहीं हुआ है। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनों के मद्देनजर राज्य में सुरक्षा के पर्याप्त बंदोबस्त किए गए हैं।आजाद मैदान में एक प्रदर्शनकारी केदार शिंदे ने कहा, ‘‘हमारा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मराठा समुदाय को आरक्षण देने के उनके खोखले वादों से भरोसा उठ गया है।’’

12 करोड़ आबादी में मराठा समुदाय की हिस्‍सेदारी 30 फीसद
मराठा समुदाय के एक समूह ने लातूर जिले में राज्य के श्रम मंत्री संभाजी पाटिल-नीलांगेकर के आवास के बाहर भी प्रदर्शन किया। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने उत्तर सोलापुर में पुणे-सोलापुर राष्ट्रीय राजमार्ग के एक हिस्से को अवरुद्ध कर दियापुणे जिले के जुन्नार में भी प्रदर्शन किए गए और शिरुर तथा खेद तहसीलों में रैलियां निकाली गईं।

आक्रामक प्रदर्शनकारियों के गढ़ मराठावाड़ा क्षेत्र में हिंगोली जिले के किसानों ने समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर बैलगाड़ी मार्च आयोजित किया। महाराष्ट्र की 12 करोड़ आबादी का 30 फीसदी हिस्सा मराठा समुदाय का है। राज्य में पिछले दिस दिन से चल रहे विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया है। उनकी मांगों में नौकरियों और शिक्षा में 50 फीसदी आरक्षण, कोपर्डी बलात्कार मामले के आरोपियों को मौत की सजा और एसएसटी कानून के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए उसमें संशोधन करना शामिल है। आरक्षण की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के दौरान राज्य में अभी तक छह लोगों ने आत्महत्या की है।

सरकार की सहूलियत
इस बीच मराठा समुदाय में व्‍याप्‍त रोष को समाप्‍त करने के मकसद से महाराष्ट्र सरकार ने तय किया है कि पिछड़े समुदायों को वित्तीय सहायता मुहैया कराने वाली योजना के तहत मराठा समुदाय के युवाओं को दिए जाने वाले ऋण के लिए वह गारंटर बनेगी। यह फैसला राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटिल की अध्यक्षता में कल मंत्रीमंडलीय उपसमिति की एक बैठक में लिया गया। यह समिति मराठा समुदाय के कल्याण के लिए कदम उठाने के मकसद से बनाई गई है।

गौरतलब है कि Maratha समुदाय सरकारी नौकरियों एवं शिक्षा में आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा है।पैनल को शिकायत मिली है कि बैंक इस समुदाय के लोगों को ऋण नहीं दे रहे और ऋण के लिए गारंटर लाने को कह रहे हैं।

स्वीकृति के लिए 10,000 से ज्यादा आवेदन लंबित है और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इससे पहले आश्वासन दिया था कि वह इस मुद्दे को राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) के सामने उठाएंगे। कल देर रात जारी हुई एक आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया गया कि बैठक के दौरान मंत्रीमंडलीय उपसमिति ने तय किया कि सरकार की अन्नाभाउ साठे फाइनेंशियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन की योजना के तहत मराठा युवा को दिए जाने वाले ऋण के लिए सरकार गारंटर बनेगी।
– एजेंसी

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