पास कराने के लिए अयोध्या विकास प्राधिकरण को सौंपा राम मंदिर का नक्‍शा

अयोध्या। राम मंदिर की नींव की खुदाई अब सितम्बर के पहले हफ्ते में शुरू होने की उम्मीद है। श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र ने शनिवार को राम मंदिर के पांच एकड़ क्षेत्र के नक्शे के साथ पूरे 70 एकड़ क्षेत्र का लेआउट नक्शा अयोध्या विकास प्राधिकरण के वीसी डॉ. नीरज शुक्ला को सौंप दिया।
वीसी डॉ. शुक्ल के मुताबिक नक्शे व इसके साथ जमा दस्‍तावेजों की जांच बंद कमरे में प्राधिकरण की टीम कर रही है। यह कार्य 24 घंटे में पूरा हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके बाद नक्शे को पास करने की औपचारिकताएं पूरी कर 4 दिनों के अंदर इस पर अप्रूवल की मुहर लग जाएगी। उन्होंने बताया कि राम मंदिर का मूल नक्शा बड़ी मेज के आकार का है। इससे साथ कई छोटे-छोटे नक्शे भी हैं जिनमें जमीन पर प्रस्तावित योजनाओें को दर्शाया गया है। पांच एकड़ क्षेत्र में बनने वाले राम मंदिर भवन के नक्शे में निर्माण की लंबाई, चौड़ाई, उंचाई आदि का प्रदर्शन किया गया है।
शुल्‍क का हो रहा है आंकलन
बाकी इलाके की प्रस्तावित परियोजनाओं पर जब काम शुरू करना होगा तो इसके नक्शे का विकास शुल्क आदि जमा करके स्वीकृत करवाया जाएगा। इसी लिए मंदिर परिसर के 70 एकड़ क्षेत्र के लेआउट नक्शे का भी विकास शुल्क जमा किया गया है। उन्होंने बताया कि कुल कितना विकास व अन्य शुल्क लगेगा इसका भी आंकलन किया जा रहा है।
65 हजार जमा किया गया है अग्रिम शुल्क
राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र के मुताबिक विकास शुल्क की अग्रिम धन राशि 65 हजार रुपये नक्शे के साथ प्राधिकरण में जमा कर दी गई है। प्राधिकरण कुल विकास व अन्य शुल्क का आंकलन कर रहा है। प्राधिकरण से सूचना मिलने पर बाकी धनराशि भी जमा कर दी जाएगी।
कई मशीनें पहुंच गईं हैं मंदिर परिसर में
उन्होंने बताया कि एल एंड टी कंपनी की कई मशीनें मंदिर परिसर में पहुंच चुकी हैं। कई बड़ी मशीनें अयोध्या के रास्ते में हैं जो 1 सितम्बर तक पहुंच जाएंगी। उन्होंने बताया कि पूरी उम्मीद है कि राम मंदिर का नक्शा मिलते ही सितम्बर के पहले हफ्ते में राम मंदिर की नींव की खुदाई का काम निर्माण एल एंड टी शुरू कर देगी।
प्राचीन मंदिरों के विग्रह सुरक्षित हैं
मंदिर के पांच एकड़ क्षेत्र से सटे सीता रसोई, जन्म स्थान, साक्षी गोपाल मंदिर, कोहबर भवन व मानस भवन के आधे हिस्से को गिराया जा रहा है जिसमें से जन्म स्थान सीता रसोई मंदिर को गिराया जा चुका है बाकी को भी जल्द गिरा दिया जाएगा। हालांकि इनमे कई 250 साल पुराने हैं पर इनकी हालत बेहद जर्जर बनी हुई थी। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के मुताबिक जिन प्राचीन मंदिरों को गिराया गया है उनके विग्रहों को सुरक्षित रखवा दिया गया है। मंदिर परिसर में बनने वाले अन्य छोटे मंदिरों में इन विग्रहों को पुर्नस्थापित किया जाएगा।
-एजेंसियां

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