मान्या को Role model मानते हुए तरक्की करें युवतियां-डा. राम किशोर अग्रवाल

-केडी मेडीकल कालेज में Role model बनीं मान्या कोहली के DBARU से एमएससी टाॅप करने पर जताया हर्ष
-एमडी मनोज अग्रवाल ने भी कठिन परिश्रम, मेहनत और लगन की तारीफ की

मथुरा। केडी मेडीकल कालेज और हास्पीटल में मान्या कोहली के डा. भीमराव अम्बेडकर यूनीवर्सिटी आगरा के टाॅप करने पर हर्ष व्यक्त किया गया। आरके ग्रुप के चैयरमेन डा. राम किशोर अग्रवाल ने मान्या कोहली की कठिन परिश्रम, मेहनत और लगन की तारीफ की। उन्होंने युवतियांे से उसे अपना Role model मानते हुए जीवन में आगे बढने को कहा। साथ ही एमडी मनोज अग्रवाल ने कहा कि युवाओं को कॅरियर को बुलंदियों तक ले जाने के लिए पर्याप्त परिश्रम, सही दिशा में करना चाहिए। उन्होंने मान्या कोहली के परिश्रम की तारीफ की।

हाईवे स्थित केडी मेडीकल कालेज के निदेशक डा. अशोक कुमार धनविजय, डीन डा. मंजुला बाई केएच, अरुण अग्रवाल ने मान्या कोहली के एक्सटेंशन कम्यूनिकेशन इन मैनेजमेंट में एमएससी में डा. बीआर अम्बेडकर यूनीवर्सिटी को टाॅप करने पर हर्ष जताया। उन्होंने कहा कि मान्या कोहली ने हाईस्कूल की परीक्षा विवेकानंद इंस्टीटयूट टनकपुर से टाॅप की थी। जिसके लिए उसे उत्तराखंड के राज्यपाल वीना महाराना से पुरस्कार मिल चुका है। वह काफी मेहनती और लगनशील है। निश्चित रुप से वह अपने लक्ष्य को प्राप्त कर देश की सेवा करेगी। मान्या कोहली को हाईवे स्थित केडी मेडीकल कालेज और हास्पीटल के पूरे स्टाफ ने यूनीवर्सिटी टाॅप करने पर बधाई देते हुए कहा कि वे इसी तरह से सफलता के सौपान चढती जाए।

प्रोफेसर बनना चाहती है मान्या कोहली
मान्या कहती है कि मैं जिस पहाडों की धरती टनकपुर से आती हॅू वहां लडकियों को उच्च शिक्षा दिलाने की परम्परा नहीं है, मेरे माता-पिता और नाना-नानी की बदौलत ही मेरी इतनी उच्च शिक्षा हो सकी है। मैं उच्च शिक्षा में प्रोफेसर बन कर देश की सेवा करना चाहती हॅंू। युवतियां और अधिक मेहनत करके न केवल माता-पिता का नाम रोशन कर सकती हैं अपितु पढाई में लडकों का भी पछाड सकती हैं। जैसा कि मैने कर दिखाया।

हम दोनों बेटी ही नहीं बेटा भी हैं
महामहिम राष्टपति महोदय से गोल्ड मेडलिस्ट से डा. बीआर अॅम्बेडकर यूनीवर्सिटी आगरा के खंदारी कैम्पस में सम्मानित मान्या कोहली गोल्ड मेडल पाने का श्रेय अपने माता पिता, एक्सटेंशन कम्यूनिकेशन मैनेजमेंट की एचओडी प्रो. अचल गोक्खर और प्रवक्ता मानवेंद्र प्रताप सिंह को देती हैं। कुछ हद वे अपने नाना-नानी को भी अपनी उच्च शिक्षा दिलवाने में सहयोग करने का श्रेय देती हैं।

बेटे के हर फर्ज को पूरा करने को संकल्पित मान्या
मान्या कोहली कहती हैं कि बेटी बचाओ-बेटी पढाओ स्लोगन को देश में और अच्छी तरह से लागू करने की जरुरत है। राष्टपति महोदय से गोल्ड मेडल और प्रमाण पत्र लेते समय उन्हें लग रहा था कि वे अपने माता पिता का काबिल बेटा होने का सपना पूरा कर रहीं हैं, क्यों कि उसके कोई भाई जो नहीं है। ऐसे में वे सिर्फ अपने माता-पिता की बेटी ही नहीं बेटा भी हैं। वह बेटे के हर फर्ज को पूरा करने को संकल्पित हैं। इससे माता पिता को पुत्र की कमी का लेशमात्र अहसास भी न हो।