RSS के कई हैंडल अनवेरिफाई, पर कई दिवंगतों के अकाउंट वेरिफाई

नई दिल्‍ली। नए IT नियमों पर केंद्र सरकार और ट्विटर के बीच जारी विवाद उस वक्त और गहरा गया, जब ट्विटर ने उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और संघ प्रमुख मोहन भागवत समेत कई नेताओं के पर्सनल ट्विटर हैंडल से ब्लू टिक हटा दिया। हालांकि, पहले उपराष्ट्रपति, फिर मोहन भागवत और संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख अरुण कुमार के अकाउंट का ब्लू टिक कुछ देर बाद रीस्टोर कर दिया गया।
इस मसले पर ट्विटर ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि ये अकाउंट काफी समय से एक्टिव नहीं थे इसलिए वेरिफिकेशन पॉलिसी के तहत बिना किसी सूचना के अनवेरिफाई करते हुए इनसे ब्लू बैज हटा दिया गया।
यहीं से विवाद शुरू हुआ क्योंकि दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, कांग्रेस नेता अहमद पटेल, एक्टर इरफान खान समेत कई लोगों के ट्विटर अकाउंट अब भी वेरिफाइड हैं और ब्लू टिक के साथ शो हो रहे हैं।
ये अकाउंट भी काफी समय से एक्टिव नहीं
प्रणब दा के ट्विटर अकाउंट से आखिरी ट्वीट उनकी मृत्यु से पहले अगस्त 2020 में किया गया था जबकि अहमद पटेल का अकाउंट अक्टूबर 2020 और इरफान का अकाउंट मई 2020 से एक्टिव नहीं है। इनका अकाउंट्स मेमोरियल अकाउंट्स के तौर पर भी इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। यानी इनकी मृत्यु के बाद इन अकाउंट्स को उनके परिवार के सदस्य विरासत के तौर पर भी इस्तेमाल नहीं कर रहे।
क्या होता है ब्लू टिक?
ट्विटर के मुताबिक ब्लू वेरिफाइड बैज (ब्लू टिक) का मतलब होता है कि अकाउंट जनहित से जुड़ा और वास्तविक है। इस टिक को हासिल करने के लिए ट्विटर अकाउंट का सक्रिय रहना बहुत जरूरी है। फिलहाल ट्विटर सरकारी कंपनियों, ब्रांड और नॉन-प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन, समाचार संगठन और पत्रकार, मनोरंजन, स्पोर्ट्स एंड ई-स्पोर्ट्स, कार्यकर्ता, ऑर्गेनाइजर्स और अन्य प्रभावशाली व्यक्तियों के खास अकाउंट्स को वेरिफाई करता है।
-एजेंसियां

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