जेडीएस को ‘मलाईदार’ विभाग मिलने से कांग्रेस के कई नेता नाराज

बेंगलुरु। कर्नाटक विधानसभा चुनाव में मात्र 37 सीटें जीतकर जेडीएस के नेता एचडी कुमारस्‍वामी ने कांग्रेस के समर्थन से राज्‍य के मुख्‍यमंत्री पद की कमान संभाल ली है। राज्‍य में लंबे समय से मंत्रिमंडल को लेकर चल रही खींचतान भी अब खत्म हो गई है। सभी मंत्री 6 जून को शपथ लेंगे। दोनों दलों के बीच बने फॉर्म्‍यूले के तहत जेडीएस को प्रमुख विभाग जैसे- वित्त, ऊर्जा, एक्साइज और पीडब्ल्यूडी मिलने हैं। इस बीच डीके शिवकुमार समेत कई कांग्रेस नेता ‘मलाईदार’ विभागों के जेडीएस के पास जाने से नाराज बताए जा रहे हैं।
चार दिन चली उठापटक के बाद कांग्रेस को 22 विभाग मिले, जिसमें गृह, इंडस्ट्रीज, राजस्व और बेंगलुरु डिवेलपमेंट शामिल हैं। जेडीएस को कुल 12 विभाग मिले हैं। कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी और कांग्रेस कर्नाटक के इन-चार्ज केसी वेणुगोपाल कहते हैं, ‘दोनों पार्टियां पोर्टफोलियों-शेयरिंग पर राजी हो गई हैं।’ जिस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने यह बात कही, उसमें सीएम कुमारस्वामी, डेप्युटी सीएम के अलावा पूर्व सीएम सिद्धारमैया, मल्लिकार्जुन खड़गे और डीके शिवकुमार भी मौजूद थे। सभी मंत्री 6 जून को पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे।
राहुल के हस्तक्षेप से बनी बात
हालांकि, अभी मंत्रियों के नामों का ऐलान बाकी है। वित्त मंत्रालय को लेकर खींचतान की बात स्वीकारते हुए वेणुगोपाल ने कहा कि राहुल गांधी के हस्तक्षेप के बाद इसे भी जेडीएस को दे दिया गया। उन्होंने आगे कहा, ‘राहुल चाहते हैं कि देशहित में यह गठबंधन सफल रहे। उन्हीं की सलाह पर हमने ऐसा किया।’ कुमारस्‍वामी को कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी का समर्थन प्राप्‍त है। कुमारस्‍वामी यह भी कह चुके हैं कि वह कर्नाटक की जनता नहीं बल्कि कांग्रेस की कृपा से सीएम बने हैं।
डीके शिवकुमार नाराज, मीटिंग में नहीं पहुंचे
उधर, कहा जा रहा है कि ऊर्जा और पीडब्ल्यूडी विभाग जेडीएस को दिए जाने से नाराज कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार ने मीटिंग में ही हिस्सा नहीं लिया।
गौरतलब है कि कांग्रेस की पिछली सरकार में शिवकुमार के पास ऊर्जा मंत्रालय था। दोनों पार्टियों ने गठबंधन की सरकार को सही तरीके से चलाने के लिए एक फॉर्म्‍यूला तय किया है।
अहम हैं डीके शिवकुमार
कांग्रेस के लिए डीके शिवकुमार संकटमोचन की तरह हैं। चाहे वह गुजरात का राज्यसभा चुनाव हो या फिर हाल में कर्नाटक में विश्वासमत की बात हो, हर बार डीके शिवकुमार ने ही कांग्रेस की नैया पार लगाई। अपने इस काम के लिए डीके शिवकुमार डेप्युटी सीएम पद की उम्मीद कर रहे थे। डेप्युटी सीएम ना बन पाने से नाराज शिवकुमार को ऊर्जा मंत्रालय भी नहीं मिल पाने से उनकी नाराजगी और बढ़ गई है।
गठबंधन कमेटी का नेतृत्व करेंगे सिद्धारमैया
गठबंधन सरकार को सही से चलाने के लिए बनाई गई गठबंधन कमेटी का नेतृत्व सिद्धारमैया करेंगे और दोनों पार्टियों के मेनिफिस्टो के आधार पर कॉमन अजेंडा तय किया जाएगा। कमिटी में कुमारस्वामी, केसी वेणुगोपाल, जी परमेश्वर और के दानिश अली भी मौजूद रहेंगे। दोनों पार्टियों की ओर से एक-एक प्रवक्ता तय होंगे। इसके अलावा बोर्ड्स और कॉर्पोरेशनंस के चेयरपर्सन के पदों पर नियुक्ति कांग्रेस और जेडीएस 2:1 के अनुपात में करेंगे
-एजेंसी

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