स्वास्थ्य संबंधी कई समस्‍याएं पैदा कर सकता है भूख से ज्यादा खाना

आंतें हमारे पाचन तंत्र का महत्वपूर्ण अंग हैं, बड़ी और छोटी दोनों आंतें हमारी पाचन क्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। हम जो खाते हैं आंतें उनसे स्वस्थ और पौष्टिक चीजें निकालती हैं और हमारे शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर करती हैं। इनको सही तरीके से काम करने के लिए इन्हें स्वस्थ रखना चाहिए, नहीं तो खाना पचने में समस्या हो सकती है और पेट सम्बंधित रोग होने का खतरा बढ़ जाता है। एक नजर…
ज्यादा न खाएं
अपनी भूख से ज्यादा खाने से कई तरह की स्वास्थ्य की समस्याएं हो जाती हैं। ज्यादा खाने से न केवल वजन बढ़ता है साथ ही इससे हमारी आंतों की सक्रियता कम हो जाती है क्योंकि ज्यादा खाने को पचाने में आंतों को ज्यादा मेहनत करना पड़ती है।
शामिल करें फाइबर
अपने आहार में उच्च फाइबरयुक्त आहार को शामिल कीजिए, यह आसानी से पच जाता है और आंतों को ज्यादा सक्रिय भी रखता है। वसायुक्त और संसाधित खाद्य पदार्थों से दूर रहें, ये कब्ज और अन्य पाचन समस्याओं को जन्म देती हैं। इनकी जगह फाइबर युक्त संतुलित खाद्य पदार्थों को अपने आहार में शामिल करें। सब्जियां, फल, अनाज और नट्स में मौजूद फाइबर आपकी आंतों को ठीक तरह से कार्य करने में मदद करते हैं।
पानी पिएं
पानी पीने के कई फायदे हैं, इससे हम अपने शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालते हैं साथ ही अपनी आंतों को भी स्वस्थ रखते हैं। अगर आप फाइबर ज्यादा मात्रा में लेते हैं और इसके साथ पर्याप्त पानी नहीं पीते हैं तो आपकी आंतों को नुकसान हो सकता है इसलिए पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करना फायदेमंद है।
लीन मीट खाएं
अगर मांसाहारी हैं तो लीन मीट खाएं। इससे आंतों की गतिविधियां दुरुस्त होती हैं। लीन मीट से खाना आसानी से पच जाता है और आंतें अच्छे से कार्य करती हैं। इसमें पौष्टिक तत्व होते हैं जो इम्यूनिटी को मजबूत करते हैं। लीन मीट जैसे कि मछली का सेवन कीजिए। इसमें प्रोटीन होता है जो पाचन क्रिया को दुरुस्त करने के साथ प्रोटीन की कमी को भी पूरा करता है।
रेड मीट से बचें
रेड मीट का सेवन करने से बचें, इससे पाचन सम्बंधी समस्या तो होती है साथ ही यह आंतों को भी नुकसान पहुंचाता है। रेड मीट में संतृप्त वसा की मात्रा ज्यादा होती है जिससे शरीर का वजन बढ़ सकता है। इसके अलावा इसमें पाया जाने वाला कोलेस्ट्रॉल आंतों पर बुरा प्रभाव डालता है।
क्या कहता है आयुर्वेद
आयुर्वेदाचार्य डॉ. एस के पांडेय बताते हैं, आंतों को स्वस्थ रखने के लिए आराम जरूरी है। आंतें मस्तिष्क से जुड़ी हैं। शरीर में मौजूद लगभग 95% सेरोटोनिन आपके आंत्र पथ को अपनी एक अलग मस्तिष्क संबंधी प्रणाली में रखता है इसलिए मस्तिष्क का स्वस्थ होना जरूरी है।
-एजेंसियां

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